भारतीय बौद्ध महासभा इंदौर जिले की शाखा द्वारा 67वा धमचक्र प्रवर्तन दिवस एवं वर्षावास समापन समारोह महोत्सव 2023 का सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह के साथ राजीव गांधी चौराहा के समीप शुभकारज गार्डन में संपन्न हुआ।
जहां आयोजन में हजारों की संख्या में बौद्ध समाज के लोग मौजूद रहे। भारतीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारी एवं कार्यक्रम के संयोजक राष्ट्रपाल बागडे, इंदौर जिला अध्यक्ष शुभम रायपुरे, नरेश इंगले, राजू गायकवाड उत्तम प्रधान, सुनील मोरे, शशिकांत वानखेड़े सहित इंदौर शाखा के लोगों की मौजूदगी और तालियों की गड़गड़ाहट और बाबा साहेब के जयकारों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा ! दरअसल, भारतीय संविधान के निर्माता डॉ भीमराव बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में करीब 7 से 8 लाख जनता के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी, सम्राट अशोक के बाद पूरे विश्व में यह बहुत बड़ी धर्मक्रांति रही। जिसे पूरे विश्व में महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इंदौर में हुए कार्यक्रम में मुख्य रूप से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के पोते एवं भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय कार्य अध्यक्ष एवं समता सैनिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भीमराव यशवंत राव अंबेडकर मौजूद रहें, जिन्होंने मंच से बाबा साहेब के विचारों और उनके मार्ग दर्शन पर चलने सहित कई राजनैतिक, सामाजिक व अन्य बिंदुओं को लेकर अपनी बात रखी। वही सुभाष चंद्र राम जी प्रधान आयकर आयुक्त मुंबई भी कार्यक्रम में मौजूद रहे, जिन्होंने बाबा साहेब की जन्म स्थली महू को लेकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में हजारों संख्या में लोग मौजूद रहे।
