भाजपा सांसद वरुण गांधी ने आइना दिखाते हुए बताया कि देश में युवाओं के लिए हालात कितने जटिल हैं। उन्होंने शिक्षा, रोजगार, व्यापार और देश के भविष्य पर बातें की।
सपनों का भारत तभी बनेगा जब आप शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता पर रखेंगे। आज देश में एक करोड़ सरकारी नौकरियां खाली पड़ी हैं। शिक्षा पर बजट बहुत कम है और बिजनेस करने के लिए युवाओं को आसानी से लोन नहीं मिलता है। यदि यही हालत रहे तो देश का युवा अपना क्या भविष्य तलाशेगा। यह बातें भाजपा सांसद वरुण गांधी ने इंदौर में आयोजित अभ्यास मंडल की व्याख्यानमाला में कहीं। उन्होंने कई विषयों पर अपनी बात रखी
वरुण गाधी ने कहा कि आज भी देश में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है। यदि आपके शहर की सड़क खराब है तो आप पता ही नहीं कर सकते कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। आप किसी की जवाबदेही तय ही नहीं कर सकते। यदि सरकारी सिस्टम में लोगों के काम नहीं हो रहे हैं तो कोई नहीं बता पाता कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसी तरह कहीं भी पारदर्शिता नहीं है। किस काम में कितना खर्च हुआ और कैसे हुआ यह जानने का अधिकार हर नागरिक को है। यह आसान तरीके से होना चाहिए। हर जगह यह लिखा होना चाहिए कि यह प्रोजेक्ट कौन कर रहा है, कब तक होगा और कितना खर्च होगा। तभी सिस्टम में पारदर्शिता आएगी।
वरुण गाधी ने कहा कि देश में अमीर और अमीर होते जा रहे हैं और गरीब और गरीब हो रहे हैं। आज करोड़ों रुपए की कारों के लिए वेटिंग लगी है क्योंकि खरीदार बढ़ते जा रहे हैं वहीं दो पहिया वाहनों की खरीदारी में 40 प्रतिशत की कमी आई है। इसी तरह एक लाख से अधिक के फोन की खरीदारी में तेजी से इजाफा हुआ है लेकिन 40 हजार रुपए के फोन खरीदने वाले कम हो गए हैं। यह आंकड़े चिंताजनक हैं। यह दिखाते हैं कि देश में अमीर और अमीर हो रहा है और गरीब और गरीब होता जा रहा है।
परीक्षा के पेपर लीक हो रहे और किसी को सजा नहीं होती
वरुण गांधी ने कहा कि परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं और इन मामलों में किसी को सजा नहीं होती। देहरादून में एक परीक्षा के पेपर दस बार लीक हुए। मजबूरन छात्रों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा। सिस्टम इतना कमजोर है कि लोग किसी भी तरह के अपराध कर रहे हैं। एक पेपर लीक होता है तो लाखों छात्रों का एक साल बर्बाद होता है।
