पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने पद संभालते ही अफसरों से मांगा अपराधों का ब्‍यौरा

By Abhishek Raghuvanshi
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बैठके के बाद बोले पुलिस कमिश्नर ट्रैफ‍िक, महिला अपराध, धोखाधड़ी, ड्रग्‍स की जांच और गुम बच्चों की तलाश रहेगी प्राथमिकता

नवागत पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर ने बुधवार को पदभार संभाल लिया। देऊस्कर 14 साल पूर्व एसएसपी प्रणाली में एसपी(पूर्वी) रहे हैं। पद संभालने के 10 मिनट बाद ही उन्होंने अफसरों की बैठक ली और शहर में घटित अपराधों की जानकारी ली। देऊस्कर ने कहा महिला अपराध, ड्रग्स, धोखाधड़ी जैसे अपराधों की विवेचना, ट्रैफिक सुधार और गुम बच्चों की तलाश उनकी प्राथमिकता है।

1997 बैच के आइपीएस मकरंद देऊस्कर जबलपुर, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में एसपी रहने के साथ-साथ इंटेलिजेंस आइजी और ओएसडी(सीएम) रहे हैं।

एक साल पूर्व उन्होंने भोपाल के पहले पुलिस आयुक्त के रुप में कमान संभाली थी। शासन ने उन्हें सीपी हरिनारायणाचारी मिश्र के स्थान पर भेजा है। पहले दौर में देऊस्कर भूमाफिया विरोधी अभियान में प्रमुख भूमिका में थे।

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दोपहर को पद संभालने के दस मिनट बाद ही देऊस्कर ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त,उपायुक्त,अरितिक्त पुलिस उपायुक्त के साथ बैठक की। प्रजेंटेशन के माध्यम से शहर की भूगौलिक स्थिति समझी। शहर में घटित अपराधों को समझा। अफसरों से परिचय लिया और उनके क्षेत्रों में होने वाले अपराधों को समझा।

देऊस्कर ने कहा कि
महिला अपराध, ड्रग्स केस, धोखाधड़ी के मामलों की सूक्ष्‍मता से जांच करना आवश्यक है। गुम बच्चों की तलाश भी उनकी प्राथमिकता में है। थानों का ढर्रा भी सुधारना होगा। आवेदकों की प्रोफेशनल तरीके से सुनवाई होना चाहिए। जनसुनवाई में भी पीड़ितों को राहत दिलाना पुलिस का दायित्व है।

घरों में दबे अपराध पुलिस तक पहुंचे
देऊस्कर के मुताबिक महिला अपराधों की कई बार पुलिस को जानकारी नहीं मिलती। पुलिस को सुनवाई का पैटर्न बदलना होगा ताकि घरों में होने वाले अपराधों की जानकारी मिल सके। पुलिस महिलाओं को न्याय दिला सके। संगठित अपराधों के संबंध में कहा कि शहर में माफिया को पनपने नहीं दिया जाएगा। पूर्व से चल रहे अभियान और हेल्प लाइन भी सुचारू चलती रहेगी।

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