पत्नी और उसके दोस्त से परेशान था, इसलिए खाया जहर:अकाउंटेंट ने कहा, इंसाफ नहीं मिला तो फिर से जहर खा लेगा, 8 दिन बाद भी FIR नहीं

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के मल्हारगंज इलाके में रहने वाले अकाउंटेंट ने पिछले गुरुवार की रात जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर मां अस्पताल लेकर पहुंची। पुलिस ने तीन बार बयान के प्रयास किये। शनिवार को अकाउंटेंट के बयान हुए। उन्होंने बताया कि पत्नी और दोस्त की हरकतों से तनाव में था। अभी तो माता-पिता ने बचा लिया। लेकिन दोनों पर कार्रवाई नहीं हुई और उसे इंसाफ नहीं मिला तो बच नहीं पाएगा। घटनाक्रम को आठ दिन बीत गए हैं, लेकिन मल्हारगंज पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज नहीं किया।
मल्हारगंज इलाके के जनता क्वार्टर में रहने वाले अभिषेक पुत्र जगदीश प्रसाद ने गुरुवार रात जहर खा लिया। मां मंजुलता ने उसे अर्पण नर्सिग होम में भर्ती कराया। अभिषेक ने जान देने के पहले डेढ़ पन्नों का एक सुसाइड नोट लिखा। उसने पत्नी और दोस्त के संबंधो को लेकर खुलासा करते हुए कई तरह की बातें लिखीं। गुरुवार रात को सूचना के बाद पुलिस पहुंची। लेकिन आईसीयू में होने के चलते बयान दर्ज नहीं हो सके।
इधर शनिवार रात तक अभिषेक के बयान हो पाए। पुलिस को दिए बयान में उसने डिप्रेशन के चलते जान देने का कदम उठाने की बात कही। पुलिस से कहा कि लगातार पत्नी और दोस्त के धमकाते हैं। अभी तो उसके माता-पिता ने बचा लिया। लेकिन इंसाफ नहीं मिला तो फिर से जहर खा लेगा।
अभी भी मिल रही धमकी
परिवार की तरफ से हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने टीआई लोकेन्द्र भदौरिया से बात की थी। उन्होंने कारवाई के लिये कहा। लेकिन घटनाक्रम को 8 दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही। अभिषेक को परिवार के लोग छुट्‌टी कराकर घर ले गए। यहां बहू ने इसके बाद भी विवाद किया। वहीं दोस्त नितिन के परिचितों की तरफ से शिकायत वापस लेने और बयान बदलने को लेकर धमकी मिल रही है।
अधिकारियों से परामर्श लेकर केस दर्ज करेंगे
इस मामले में जांच कर रहे एएसआई विजय बहादुर यादव ने बताया कि अभी और बयान होना बाकी है। वैसे मामले में अफसरों को जानकारी देकर उनसे राय लेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसी जानकारी भी मिली है कि पति-पत्नी का कोर्ट में केस चल रहा है।

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