पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना की नाराजगी के बाद शनिवार रात करीब 800 पुलिसकर्मी इंदौर की सड़कों पर उतार दिए गए। फरार आरोपितों के घर रातभर छापे मारे गए। चाकूबाज और सूचीबद्ध बदमाशों की तलाशी ली गई। राज्य स्तरीय सीमा समन्वय बैठक में शामिल होने आए डीजीपी सुधीर सक्सेना ने दोपहर में आयुक्त कार्यालय में बैठक ली। उन्होंने कनाड़िया, चंदननगर और खजराना थाना क्षेत्र में हुई चारों हत्याओं के बारे में पूछा।
डीजीपी ने कहा, पुलिस सड़क पर नजर आनी चाहिए
अफसरों से कहा कि पुलिस सड़क पर नजर आनी चाहिए। चाकूबाज और नशाखोरी कर अपराध करने वालों की धरपकड़ होनी चाहिए। देर रात डीजीपी की नाराजगी का असर दिखाई दिया। पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर ने चारों जोनों के पुलिस उपायुक्तों को बल लेकर कंट्रोल रूम (पलासिया) बुला लिया।
शहर में क्राइम ब्रांच को भी निगरानी के लिए कहा
36 थानों और पुलिस लाइन के करीब 800 पुलिसकर्मियों को वारंटी और फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए रवाना किया गया। इंदौर पुलिस आयुक्त के मुताबिक पुलिस ने 2316 बदमाशों को चिह्नित किया है, जो चाकूबाजी में शामिल रहे हैं। क्राइम ब्रांच को भी निगरानी के लिए कहा गया है।
