महू खलघाट टोल नाकों पर फास्टैग लाइन के नियम का पालन नहीं किया जा रहा है,,,बिना फास्टैग वाले वाहन भी फास्टैग के साथ एक ही लाइन में चल रहे.. जिनसे जबरिया वसूली और दादागिरी की जा रही है,,,
केंद्र सरकार ने सभी टोल टैक्स नाकों पर फास्टैग की व्यवस्था लागू की है… हालांकि अभी फास्टैग अनिवार्य नहीं है किंतु जिन वाहनों में फास्टैग की व्यवस्था नहीं है उन वाहनों के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था है.. और उस लाइन में नगद राशि देकर टोल टैक्स का भुगतान किया जाता है.. टोल टैक्स के नियमानुसार यदि जिस वाहन में फास्टैग नहीं लगा है और वह फास्टैग की लाइन में लग जाता है तो उस पर नियमानुसार पेनल्टी लगाई जाती है.. टोल टैक्स नाका के इस नियम का पालन अधिकांश टोल नाकों पर हो रहा है.. किंतु महू खलघाट की ओर जाने वाले टोल नाकों पर फास्टैग की लाइन और बिना फास्टैग की एक ही लाइन बना दी गई है..जिससे बिना फास्टैग वाले वाहन भी फास्टैग वाहनों की लाइन से गुजरते हैं और उनसे नगद राशि ली जाती है इस तरह एक वाहन से करीब 35 रुपये लिए जाते हैं..दिनभर में यहां से हजारों वाहन निकलते हैं पूरे वर्ष में लगभग 1 करोड़ रुपये की अवैध वसूली इन टोल नाकों से की जा रही है…
इस मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया पैनेलिस्ट एडवोकेट प्रमोद कुमार द्विवेदी ने कहा कि ऐसे टोल नाके के खिलाफ इंदौर कलेक्टर को कार्यवाही करनी चाहिए.. क्योंकि नियमानुसार फास्टैग
वाहनों की लाइन अलग होनी चाहिए और बिना फास्टैग वाले वाहनों की अलग… साथ ही साथ केंद्र एवं राज्य सरकार को भी मामले को संज्ञान में लेकर संबंधित टोल नाके के संचालनकर्ताओं के खिलाफ कारवाई की जाना चाहिए,,
