इंदौर। बजट में सरकार ने घोषणा की है कि प्रदेशभर में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इंदौर में इसकी शुरुआत पांच साल पहले हो चुकी है। अब स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट के लिए पूरे प्रदेश के साथ देश में भी इंदौर की बिजली कंपनी माडल बनी हुई है। दिसंबर 2022 से पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। अब छोटे शहर और कस्बों में स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर है।
इंदौर में अब तक 1.45 लाख स्मार्ट मीटर लगे
बिजली कंपनी ने 2018 में इंदौर में कैट रोड पर परमाणु नगर में पहला स्मार्ट मीटर प्रायोगिक तौर पर शुरू किया था। इसके बाद से इंदौर शहर में अब तक कुल 1.45 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। दूसरे चरण में 1.32 लाख स्मार्ट मीटर शहर में और लगाए जाएंगे। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अमित तोमर के अनुसार, दूसरा चरण पूरा होने के बाद इंदौर जिले में करीब पौने पांच लाख घरों पर स्मार्ट मीटर लग जाएंगे। इंदौर में 57 फीडरों से संबंधित उपभोक्ताओं के यहां निश्शुल्क लगाने को मंजूरी दी जा चुकी है। कस्बों में 4.50 लाख मीटर इंदौर में बड़ी तादाद में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली कंपनी इंदौर-उज्जैन संभाग के छोटे कस्बों पर ध्यान देगी।
महू कैंट एरिया में शत प्रतिशत घरों में स्मार्ट मीटर
कंपनी के अधीक्षण यंत्री (ग्रामीण) ध्रुवनारायण शर्मा के अनुसार, महू कैंट एरिया पहला ऐसा तहसील क्षेत्र है, जहां शत-प्रतिशत घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अब कंपनी उज्जैन, रतलाम, देवास, खरगोन जैसे कस्बों व शहरों में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर दे रही है। इन कस्बों-शहरों के 10 लाख उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के लिए चिह्नित किया गया है।
