प्रदेश की शराब नीति इन बदलाव को लेकर इंदौर के एक अधिवक्ता तीन जिलों के प्रत्येक गांव और चौपाल पर जाकर प्रदेश सरकार की गलत नीति से जनता को अवगत करवाएंगे, जिसके लिए अगस्त में यात्रा शुरू की जाएगी।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने प्रदेश सरकार को पिछली बार लाखों की संख्या में पत्र लिखें और शराब नीति में बदलाव करने का निवेदन किया था जिसका वजन करीब 84 किलो के आसपास था वहीं दूसरी बार फिर से उन्होंने महिलाओं युवा और युवतियों के साथ मिलकर लाखों की संख्या में पत्र शिवराज सिंह चौहान को भेजे हैं लेकिन प्रदेश सरकार ने किसी भी पत्र का जवाब नहीं दिया और ना ही शराब नीति में कोई बदलाव किया है जिसे देखते हुए हाई कोर्ट एडवोकेट प्रमोद कुमार द्विवेदी और उनकी पूरी टीम इंदौर जिले सहित देवास और उज्जैन जिले के प्रत्येक गांव तक जाएगी और प्रदेश सरकार की शराब नीति की गलतियों को जनता के सामने रखेगी इस बारे में जानकारी देते हुए द्विवेदी ने बताया कि आगामी अगस्त महीने से उनकी पूरी टीम इस यात्रा पर निकलेगी और उज्जैन देवास इंदौर जिले के तहसील पंचायत और छोटे तक को तक पहुंचेगी जहां महिलाओं और युवाओं को मध्य प्रदेश की शराब नीति की गलतियों से अवगत कराया जाएगा जिसके लिए पूरी तैयारी की गई है जिसमें कई महिलाएं और युवतियां भी शामिल होगी
