शुजालपुर तहसील में अधिकारियों की लापरवाही का एक अजीबों-गरीब मामला सामने आया है। जिसमें एक किसान को कागजों में मृत घोषित कर उसकी किसान सम्मान निधि को बंद कर दिया गया।
जी हां यह कहानी है शुजालपुर तहसील के कोहलिया गांव के रहने वाले किसान भोजराज मेवाड़ा की। अपनी दो सालों से बंद पड़ी किसान सम्मान निधि को चालू करवाने के लिए भोजराज मेवाड़ा अपने क्षेत्र के अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट के परेशान होने के बाद जब कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और अपनी गुहार लगाई तब कागजों में उसे उसकी मृत्यु होने का पता चला। अब किसान को अपने सम्मान निधि चालू करवाने के लिए पहले खुद को कागजों में जिंदा करने की जगह करना पड़ रही है। कागजों में मृत घोषित किसान को सामने खड़े देखकर अधिकारी भी आश्चर्य चकित रह गए। इस घटना की जानकारी लगते ही जिला कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने संबंधित जांच के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
