आसाराम की गिरफ्तारी को लेकर उस समय काफी बवाल भी मचा था। समर्थकों ने पुलिस को गिरफ्तारी से रोकने की कोशिश भी की थी। यौन शोषण के दोषी कथित संत आसाराम बापू को साढ़े नौ साल पहले 31 अगस्त 2013 को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। इंदौर में बिलावली क्षेत्र में बने आश्रम से ही आसाराम को राजस्थान पुलिस गिरफ्तार करके ले गई थी। आसाराम अन्य स्थानों से होते हुए भोपाल पहुंचा और वहां से इंदौर आश्रम आकर छिप गया था।
आसाराम की गिरफ्तारी को लेकर उस समय काफी बवाल मचा था। आसाराम के समर्थकों ने पुलिस को गिरफ्तारी से रोकने की काफी कोशिश की थी। कई समर्थक रातोरात आश्रम में जमा हो गए थे। आसाराम को बचाने के लिए प्रवचन और हवन के साथ धार्मिक आयोजन का ऐलान कर दिया गया। पुलिस को आश्रम में घुसने से रोका गया। वहां बने आवास में अनुयायियों के पहरे के बीच आसाराम चार दिन तक छिपा रहा। आसाराम से जुड़े कुछ स्थानीय नेताओं ने आश्रम में उससे मुलाकात भी की थी।\
आसाराम को रात में विमान से जोधपुर ले गई थी पुलिस
गिरफ्तारी से बचने के लिए आसाराम प्रवचनकार के रूप में आसन पर बैठ गया था। विरोध के बावजूद राजस्थान पुलिस आसाराम को रात में विमान से जोधपुर ले गई। बाद में प्रशासन ने आश्रम को लीज पर मिली जमीन जांच की थी। इसमें बिलावली तालाब और गांव के काकड़ की शासकीय जमीन पर आश्रम संचालकों का अवैध कब्जा और निर्माण पाया गया। अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भी दिया गया, लेकिन आश्रम प्रबंधन हाई कोर्ट पहुंच गया। तब से मामला हाई कोर्ट में लंबित है।
