नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर करंट लगने से महिला की मौत, जानें क्या है पूरा मामला

By Abhishek Raghuvanshi
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साक्षी और उनके बच्चों के लिए इस बार चंडीगढ़ की यात्रा काफी रोमांचक और उत्साह जनक होने वाली थी, क्योंकि परिवार पहली बार वंदे भारत ट्रेन में सफर करने वाला था। बच्चों की जिद थी कि वे वंदे भारत ट्रेन से चंडीगढ़ जाएंगे।

ऐसे में स्वजन ने वंदे भारत ट्रेन को चुना था, लेकिन उसका टिकट प्रतीक्षा सूची में था,ऐसे में चंडीगढ़ जाने की तैयारी शनिवार दोपहर तक पूरी नहीं की थी। बाद में चार्ट बनने पर टिकट कन्फर्म हो गया तो सभी ने यात्रा की तैयारी की। रविवार तड़के परिवार के सभी सदस्य यात्रा को लेकर खुश थे, लेकिन यह खुशियां एक पल में मातम में बदल गई।

सदमे में परिजन

इस हादसे से साक्षी की बहन माधवी सदमे में है। अपनी बहन को बचाने के दौरान करंट का झटका लगने से वह भी घायल हो गई थीं। उसे इलाज के बाद उन्हें छुट्टी मिल गई। स्वजन ने बताया कि साक्षी को पैर रखने पर करंट प्रवाहित होने का अहसास हुआ। उसने तुरंत अपनी पीछे चल रहे बच्चों और बहन को दूर होने का इशारा किया, लेकिन अपने को नहीं बचा पाई और दूसरा पैर भी पानी में चला गया।

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मृतका के देवर कपिल आहूजा ने बताया कि भाभी की वजह से परिवार के अन्य लोग बच गए। अपनी मां को अपने सामने तड़प-तड़पकर मरता हुआ देखने वाले दोनों बच्चों को यह विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। वे बार बार अपनी मां के बारे में पूछ रहे हैं। इस हादसे ने एक भरे पूरे परिवार की खुशियां उजाड़ दिया।

रेलवे की लापरवाही ने ली बिटिया की जान

साक्षी के चाचा अजय ने बताया कि बिटिया को पढ़ाया लिखाया और जिम्मेदार नागरिक बनाया। आज रेलवे की लापरवाही से उसकी जान चली गई। यह रेलवे द्वारा की गई एक बेगुनाह की हत्या है। साक्षी के रिश्तेदार ललित नागपाल ने कहा कि राजधानी के प्रमुख रेलवे स्टेशन पर नंगी तारें फैली हैं, जिसमें करंट है। यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था। इस पर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस ने दर्ज किया केस

साक्षी की मौत को लेकर शुरुआती जांच के बाद रेलवे पुलिस ने लापरवाही से मौत की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, शव को पोस्टमॉर्टम के बाद स्वजन को भी सौंप दिया है।

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