नई दिल्ली : सांसद राहुल गांधी को सूरत जिला अदालत ने उनकी कथित ‘मोदी सरनेम’ टिप्पणी को लेकर दायर आपराधिक मानहानि मामले धारा 499 तथा 504 में दो साल की सजा सुनाई हैं. हालांकि, बाद में राहुल गांधी को कोर्ट से जमानत मिल गई, लेकिन अब उनकी संसद सदस्यता पर तलवार लटक गई है. दरअसल, आपराधिक केस में दो साल या ज्यादा की सजा पर संसद की सदस्यता रद्द हो सकती है. आरपीए एक्ट (RPA Act) में यह प्रावधान है. इसके मुताबिक, भ्रष्टाचार और एनडीपीएस में दोषी करार देना ही काफी है.
अब राहुल गांधी को दोषसिद्धि को निलंबित कराने के लिए बड़ी अदालत जाना होगा. इसके लिए राहुल गांधी के पास एक महीने का समय है. अगर राहुल गांधी को उच्च अदालत से राहत नहीं मिलती है, तो कांग्रेस नेता की मुश्किलें बढ़ जाएंगी.
