क्रेडिट कार्ड पर रिवार्ड प्वाइंट रिडीम करने के नाम पर ठगी करने वाली अंतर्राजीय गैंग का मुख्य आरोपी, क्राइम ब्रांच इंदौर की कार्यवाही में गिरफ्तार।

By Abhishek Raghuvanshi
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✓बैंक क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का अधिकारी/कर्मचारी बनकर बैंको के नाम से बनी फर्जी Link भेजकर लोगो की क्रेडिट कार्ड/OTP/CVV की जानकारी प्राप्त कर देते थे वारदात को अंजाम।

✓क्राइम ब्रांच को आरोपी के कब्जे से मिले मोबाइल व लैपटॉप में आंध्रप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के हजारों ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड हेतु कॉलिंग करने वाला डाटा मिला है जिसकी जांच की जा रही है।

✓आरोपी अपनी गैंग के माध्यम से ठगी वारदात के लिए एक दिन में 400 लोगो को कॉलिंग का रखता था टारगेट।

✓आरोपी के विरुद्ध थाना अपराध शाखा इंदौर में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर की गई कार्यवाही।

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इंदौर पुलिस द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड और धोखाधड़ी संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस के द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड एवं सोशल मीडिया संबंधित अपराधों में आरोपियों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है।

इसी अनुक्रम में अपराध शाखा इंदौर में (1).फरियादी रूपेश जैन निवासी इंदौर के द्वारा ICICI बैंक के क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पाईंट रिडीम करने का बोलकर ऑनलाइन कुल 29,261/- रू की ऑनलाइन धोखाधडी करने संबंधित शिकायत की गई थी ।

जिसपर थाना अपराध शाखा इंदौर पुलिस के द्वारा अज्ञात आरोपीयो के विरुद्ध अपराध धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया ।

आरोपियों की तकनीकी जानकारी निकालते आरोपी (1). शिवम पिता पवन कुमार उम्र 23 साल निवासी साई रेसीडेंसी सेवक पार्क द्वारका मोड थाना मोहन गार्डन दिल्ली स्थाई निवासी जयपुर राजस्थान को गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों से पूछताछ करते बताया कि क्रेडिट कार्ड सेल्स का काम 03 साल से कर रहा है, इसके लिए आरोपी ने हेलोमनीइंडिया प्राईवेट लिमिटेड से फ्रेन्चाईजी ले रखी है इसके अंतर्गत क्रेडिट कार्ड सेल्स का काम किया जाता है, इसमे इंडसइंड बैंक, AU बैंक, IDFC बैंक, HDFC बैंक, RBL बैंक की फ्रेन्चाईजी ले रखी है, इसके माध्यम से आरोपी को बैंको के क्रेडिट कार्ड के पोर्टल आई.डी. पासवर्ड सहित मिलते थे, हेलोमनीइंडिया के द्वारा आरोपी को उसके साथ काम करने वाले लोगो के हिसाब से डाटा मिलता है जिसमे 01 व्यक्ति पर 70 लोगो का डाटा मिलता है जिसमे ग्राहकों के नाम एंव मोबाइल नंबर एवं अन्य निजी जानकारी होती है जिन्हे आरोपी की टीम द्वारा फोन लगा कर क्रेडिट कार्ड अप्लाय करने के लिए कन्विंस किया जाकर फर्जी लिंक भेजकर ठगी करना बताया एवं साथ ही उक्त डाटा को अन्य ठग गैंग को 2/- व 3/- रुपए मे प्रति व्यक्ति का डाटा अन्य ठग गैंग को बेचना भी कबूला ।

आरोपी ने फरियादी रुपेश जैन को ICICI बैंक का क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पाईंट रिडीम तक कैश बैक देने के नाम पर एक लिंक http://onlinerewardsredeem.in/icicibank/भेजा जिस पर रुपेश जैन के द्वारा क्लिक करने पर लिकं ओपन हुआ एंव जिसमे पुर्व मे की गई कोडिंग के आधार पर रुपेश जैन के द्वारा उसका ICICI बैंक का क्रेडिट कार्ड नंबर, नाम, सीवीवी व रजिस्टर्ज मोबाईल नंबर पर गए ओटीपी को सबमिट करवाकर, बैंक के क्रेडिट कार्ड नंबर की जानकारी प्राप्त करते हुए खाते से 29,261/- रुपए आहरित कर अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर करते हुए फरियादी के साथ ठगी करना कबुल किया।

आरोपी को क्राइम ब्रांच के द्वारा न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त कर, प्रकरण में विवेचना के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

आमजन को सूचित किया जाता है की किसी भी अनजान व्यक्ति के द्वारा कॉल कर स्वयं को बैंक या वॉलेट कम्पनी का अधिकारी बताकर कैशबैक ऑफर्स, क्रेडिटकार्ड पर रिवार्ड प्वाइंट रिडीम करने का बोलने पर जल्दबाजी में भरोसा न करे विश्वसनीयता की पूर्णरूप से जांच किए बिना कभी भी अपनी क्रेडिटकार्ड कार्ड/OTP/CVV आदि की जानकारी न देवें अन्यथा आप ऑनलाइन ठगी का शिकार हो सकते हो और इस तरह के फ्रॉड की सूचना अपने नजीदी थाने एवं क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस द्वारा संचालित सायबर हेल्पलाइन न. 7049124445 पर सूचित करें।

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