यूक्रेन के खेरसॉन में शुक्रवार देर रात कर्फ्यू का ऐलान किया गया। रूस की ओर से नियुक्त खेरसॉन के गवर्नर स्ट्रेमोसोव ने कहा कि यहां हालात बिगड़ने वाले हैं। यूक्रेन के खेरसॉन प्रांत को रूस अपने अधिकार क्षेत्र में होने का दावा करता है।
दरअसल, अब यूक्रेनी सेना लगातार खेरसॉन के अपने खोए हुए क्षेत्र पर फिर से अधिकार जमा रही है। उधर, मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने खेरसॉन में यूक्रेनी सेना के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
खेरसॉन में अब तक की सबसे खतरनाक कार्रवाई
पुतिन ने यूक्रेनी कब्जे वाले खेरसॉन से आम नागरिकों को हटने के लिए कहा है। पुतिन ने कहा कि खेरसॉन में अब तक की सबसे खतरनाक कार्रवाई हो रही है। पुतिन ने दोहराया कि खेरसॉन रूस के अधिकार क्षेत्र में है।
रूस के लिए खेरसॉन की अहमियत
- रूस ब्लैक सी के बंदरगाहों पर कब्जा करना चाहता है। ये पोर्ट रणनीतिक रूप से तो अहम हैं ही, साथ ही भूमध्य सागर को जोड़ने वाला व्यापारिक रास्ता भी यहीं से होकर जाता है। लिहाजा व्यापार के लिए भी इन पर नियंत्रण जरूरी है।
- खेरसॉन एक बड़ा शिप मैन्युफैक्चरर है। यहां मर्चेंट शिप, टैंकर, कंटेनर शिप, आइसब्रेकर, आर्किट सप्लाई शिप बनाई जाती हैं। इस हिस्से को रूस में शामिल करके रूस अपनी समुद्री ताकत बढ़ा सकता है।
- खेरसॉन ब्लैक सी के पास स्थित एक प्रमुख बंदरगाह है। ये रूस की सीमा के काफी करीब है। 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद से ही इसकी भौगोलिक स्थिति रूस के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम है। इस हिस्से को रूस में शामिल करने के बाद रूस मॉस्को को डोनबास के डोनेट्स्क और लुहांस्क से क्रीमिया को जोड़ने के लिए एक ब्रिज बना सकता है।
