ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने फोरन पॉलिसी पर दिए अपने पहले भाषण में चीन को लताड़ा है। सुनक ने सोमवार को दिए अपने भाषण में कहा है कि चीन से इंगलैण्ड के आदर्शों और इंटरेस्ट को लगातार खतरा बना हुआ है । इसके चलकते चीन से ब्रिटेन के संबंधों का ‘गोल्डन एरा’ अब खत्म होता है।
बीजिंग में बीबीसी के पत्रकार से हुई मारपीट से नाराज सुनक ने चीन से संबंधों में बदलाव को लेकर रणनीति को बदलने की बात कही है। उन्होने यह भी कहा कि चीन लगातार दुनिया में अपने दबदबे के लिए हर ताकत का इस्तेमाल कर रहा है।
2015 की पॉलिसी खत्म होगी?
सुनक ने मंगलवार को ब्रिटेन औऱ चीन के संबंधों पर बनी जिस पॉलिसी को रद्द करने का इशारा किया है। वो साल 2015 में बनाई गई थी। इस पॉलिसी को सुनक बचकाना आइडिया बताया और कहा चीन के साथ ट्रेड से वहां कोई सामाजिक या राजनीतिक बदलाव नहीं आएगा। दरअसल विपक्ष लगातार सुनक पर आरोप लगा रहा था कि वो चीन को लेकर सख्त नीति नहीं अपना रहे हैं। चीन की बजाए अब ब्रिटेन एशिया-पैसिफिक के दूसरे देशों से संबंध बढ़ाएगा।
चीन से संबंधों को बेहतर बनाने के लिए बनाई थी गोल्डन एरा पॉलिसी
चीन के साथ संबंधों को लेकर गोल्डन एरा पॉालिसी साल 2015 में बनाई गई थी। जिसकी घोषणा शी जिनपिंग की ब्रिटेन विजिट से पहले वहां प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने की थी। इस पॉलिसी का मकसद ब्रिटेन और चीन के बीच संबंधों को बेहतर बनाना और कई तरह के ट्रेड को मजबूत करना था।
चीन ने प्रदर्शन कवर करने गए BBC के पत्रकार को किया था गिरफ्तार
शंघाई में विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे BBC के एक पत्रकार एड लॉरेंस को चीन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। थोड़ी ही देर बाद उसके साथ मार-पीट की गई, फिर उसे रिहा कर दिया गया। BBC के मुताबिक पुलिस ने उसके हाथ बांधे, पीटा और उसे लात भी मारीं। इधर, चीनी अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि एड लॉरेंस ने गिरफ्तारी के समय नहीं बताया था कि वो पत्रकार है। उसके पास आईडेंटिटी और प्रेस कार्ड भी नहीं था।

