जेल में बंद होने के दौरान मदद करना आरोपी की इस कदर भारी पड़ गया कि आरोपी ने मदद का कर्ज उतारने के नाम पर इन्वेस्ट कर दो गुना पैसा कमाने के नाम पर ₹5 लाख रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा कर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया है पीड़ित ने अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज करवाया है पुलिस इस पूरे धोखाधड़ी के अपराध की जांच करने में जुटी है
इंदौर की विजय नगर पुलिस ने विशाल नामक एक पीड़ित की शिकायत पर आरोपी विनायक के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है पीड़ित और आरोपी दोनों ही पहले धोखाधड़ी के अपराध में जेल में बंद थे जिस समय पीड़ित विशाल ने जेल में आरोपी विनायक की मदद की थी बस जब दोनों जेल से छूट कर बाहर आए तो आरोपी विनयक ने पीड़ित विशाल से कहा कि तुमने मेरी बहुत मदद की है मैं इसका लाभ तुमको दिलवाना चाहता हूं और इस बात के झांसे में लेकर पीड़ित विशाल की पत्नी से 5 लाख रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए गए जब पूरी ठगी की बात विशाल को लगी तो तुरंत ही पत्नी के साथ पहुंचकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है पुलिस ने 420 का अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू की है
