फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर व फर्जी रजिस्ट्री से जेल में बंद आरोपियों की जमानत करवाने वाले गिरोह के 3 आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। ये सभी 5 साल से फर्जी जमानतदार बनकर जेल में बंद कई आरोपियों की जमानत करवा चुके हैं। आरोपियों से फर्जी ऋण पुस्तिकाएं एवं फर्जी रजिस्ट्री जब्त हुई है। आरोपी जगदीश पिता नरसिंह को 2020 में फर्जी ऋण पुस्तिका से जमानत करवाने के केस में एमजी रोड पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वह करीब दो सालों तक जेल में रहा।
दरअसल, क्राइम ब्रांच ने मुखबिर की सूचना पर जसवंत पिता दलेलसिंह ठाकुर निवासी स्कीम नंबर 78, अरण्य नगर, दिनेश पिता दौलाजी नायक निवासी ग्राम मुंडला कलमा तहसील देपालपुर और जगदीश पिता नरसिंह चौहान निवासी ग्राम आगरा तहसील हातोद को पकड़ा। पुलिस को आरोपी जसवंत पास से फर्जी रजिस्ट्री की फोटोकॉपी के तीन सेट मिले। रजिस्ट्री की फोटोकॉपी के पेजों के पिछले भाग पर आरोपी जसवंत ठाकुर द्वारा जेल में बंद आरोपियों की जमानत देना पाया गया है। 3 रजिस्ट्री की फोटोकॉपी पर फर्जी तरीके से 21 जमानत दी गई। पूछताछ में आरोपी जसवंत ने बताया उसके मकान की रजिस्ट्री पत्नी मथुराबाई के नाम पर है उसकी फोटोकॉपी करवाकर फर्जी तरीके से जेल में बंद आरोपियों की जमानत देता था। जब जमानत मंजूर कर देने के बाद रजिस्ट्री के पेज भर जाते थे तो आरोपी जसवंत रजिस्ट्री की फिर फोटोकॉपी करवाकर फिर से जमानत करवा देता। वह करीब आठ सालों से आरोपियों की फर्जी जमानत करवा रहा था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
