कोरोना काल के बाद मंगलवार को डीआरपी लाइन में दोबारा पुलिस का दरबार लगाया गया, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय राजेश हिंगणकर ने परिवार के मुखिया के रूप में पहले परेड और उपकरणों का निरीक्षण किया, उसके बाद पुलिस परिवार के लोगों की परेशानियां सुनी।
दरअसल हर साल वर्ष में एक बार पुलिस का वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम डीआरपी लाइन में होता है, मुख्यालय के सर्वोच्च अधिकारी परिवार के मुखिया के रूप में यहां मौजूद रहकर पुलिस की हर चीज का निरीक्षण करते हैं, पुलिस की गाड़ियों से लेकर शस्त्र और विभाग में इस्तेमाल हो रहे, हर उपकरण, हर चीज का ब्यौरा जांचा जाता है, मंगलवार सुबह भी करीब 9:00 डीआरपी लाइन में दरबार अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने लगाया। जीआरपी लाइन में आरआई जय सिंह तोमर ने उनके साथ मौजूद रजत सकलेचा को जानकारी दी, सभी गाड़ियों का निरीक्षण किया, इस दौरान परेड का भी निरीक्षण किया गया। इसके बाद पुलिस परिवार का दरबार लगाया गया।
दरबार के पहले अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजेश हिंगणकर द्वारा पुलिस के पास मौजूदा हालत में इस्तेमाल की जा रही, गाड़ियों का निरीक्षण किया। जिसमें वरुण फायर, वॉटर केनन, वज्र वाहन, जेल वाहन, मोबाइल कमांडो का निरीक्षण किया। इस दौरान थाना स्तर पर उपयोग की जाने वाली गाड़ियों का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें रावजी बाजार और भंवरकुआं थाने की गाड़ी जर्जर हालत में मिली, वही पंढरीनाथ की गाड़ी का ऑयल चेक किया गया, इस दौरान खजराना वाहन की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त द्वारा तारीफ की गई, ड्राइवर द्वारा गाड़ी का रखरखाव बेहतर ढंग से किया जा रहा था, इस पर उन्होंने तारीफ की और इनाम भी देने की बात कही। हालांकि गौर करने वाली बात यह रही कि कई गाड़ियां 2009 और 2019 तक रजिस्ट्रेशन के साथ मिली, लेकिन नए मॉडल की गाड़ियों का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं किए जाने और रखरखाव ठीक से नहीं होने पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नाराज भी नजर आए, गाड़ियों के खस्ताहाल देखकर अधिकारी अपने निचले कर्मचारियों को घूरते दिखे, जैमर वाहन ओपचारिक चेक किया गया।
