हत्या का आरोपी भाग रहा था कनाड़ा… घेराबंदी कर मुंबई से पकड़ा

By Abhishek Raghuvanshi
3 Min Read

इंदौर। मामूली टक्कर के बाद में कुछ युवकों ने मिलकर एक युवक की जमकर पिटाई की। गंभीर रूप से घायल होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसकी कल मौत हो गई। मुकदमा दर्ज होने की भनक लगते ही एक आरोपी कनाड़ा जाने के लिए मुंबई पहुंच गया, लेकिन ३ अप्रैल को वापसी का टिकट था। बाद में उसे घेराबंदी करके पकड़ लिया गया।

२२ मार्च को रात ११ बजे भोलाराम उस्ताद मार्ग पर हरमीतसिंह उर्फ हनी बल निवासी संत नगर मोटर साइकिल से जा रहा था। उस दौरान लाल रंग की कार से हनी टक्कर हो गई। कार चालक प्रतीक ग्रेवाल का उससे विवाद हो गया।

प्रतीक ने बाद में मनमीतसिंह बोपारा, मनजोदसिंह, हरसिमरनसिंह संधू और गुरविंदरसिंह को बुला लिया। सभी ने मिलकर हनी की जमकर पिटाई कर दी। घायल हनी की अलसुबह तबियत बिगड़ी तो खंडवा रोड के अस्पताल में भर्ती कराया। जब सुधार नहीं आया तो बड़े अस्तपाल में शिफ्ट किया गया।

आखिर में कल उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन जब भंवरकुआं थाने मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस हत्या मानने के लिए तैयार नहीं थी। इसकी जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में भीड़ जुटना शुरू हो गई। तब पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया और उनकी तलाश शुरू की। तब पता चला कि मनजोतसिंह नामक आरोपी कनाड़ा जाने के लिए मुंबई पहुंच गया है। इस पर पुलिस ने तुरंत मुंबई पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस और एफआरओ की मदद से गिरफ्तार उसे कर लिया। गौरतलब है कि मनजोत कनाड़ा में पढ़ाई कर रहा है जो पिछले दिनों परिवार की शादी में शामिल होने के लिए इंदौर आया था। ३ अप्रैल को वापसी का टिकट था, लेकिन हनी की मौत की खबर लगते ही वह भाग निकला। आज उसे इंदौर लाया जाएगा।

- Advertisement -

मौके पर समझौता बाद में शिकायत

सूत्रों के मुताबिक मारपीट के बाद हनी की जब तबियत खराब हुई और उसके समर्थन में लोग आए तो बोपारा बंधुओं ने समझौता कर लिया। इलाज में जितना भी खर्च आना है ये देने की बात हुई थी। हनी को तो रवाना कर दिया गया, लेकिन बाद में वे भंवरकुआं थाने पर हनी के मारपीट करने पर कार्रवाई करने का आवेदन दे आए। इसके बावजूद पुलिस मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी। मनजोत के पिता का बड़ा ट्रांसपोर्ट का कारोबार है।

Exit mobile version