इंदौर शहर में लगातार वाहन चोरी की वारदातें बढ़ रही थी, खासकर सबसे ज्यादा वाहन चोरी पश्चिमी इंदौर में घटित हो रही थी, इसकी रोकथाम के लिए ज़ोन 2 के डीसीपी संपत उपाध्याय के रडार पर देवास जिले की धानी घाटी और पिपलरावा पर बसा कंजर गिरोह है। इसी के चलते पुलिस ने कई बार धानी घाटी और पीपलरावां पर दबिश दी.. हालांकि इस दबिश के बाद वाहन चोरी की घटनाओं में कमी आई है।
डीसीपी संपत उपाध्याय के मुताबिक वाहन चोरी में देवास के गिरोह की संलिप्तता रहती है, धानी घाटी और पीपलरावां क्षेत्र के लोग इंदौर आ कर मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिसके चलते कार्रवाई की गई है। साथ ही इन पर दबाव बनाने के लिए कार्रवाई की गई है। जिसके कारण मोटरसाइकिल चोरी में कमी आई हैं, वही प्रयास किया जा रहा है कि इनके अलावा और कौन लोग हैं, जो शहर में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
हालाकी डीसीपी संपत उपाध्याय द्वारा एक ड्राइव चलाई जाने की भी बात कही गई है, जिसके चलते वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है कि वाहन चालाक एडवांस हैंडल लॉक गाड़ियों में लगाएं, साथ ही सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़े किए जाएं। साथ ही जहां पार्किंग है वहां पर कैमरा लगाएं ताकि चोरी की घटनाएं ना हो, और यदि फिर भी चोरी की घटना हो तो, चोर पकड़ा जाए..
हालांकि डीसीपी संपत उपाध्याय का कहना है इन परिवारों में परंपरागत चोरी की वारदातों में लिप्त रहे हैं, जो घर पर नहीं सोते हैं, ढेरों पर सोते लेकिन एक ओर इलाका उनका होने के कारण यह लोग पुलिस की गिरफ्त से बच जाते हैं। गांव को अचानक घेराबंदी नहीं किया जा सकता है, लेकिन दबाव बनाया जा रहा है इसके कारण चोरी की घटनाओं में कमी आई है।
