झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित सम्मेद शिखरजी को लेकर विवाद गहरा गया है. जैन समाज के लोग सम्मेद शिखरजी के एक हिस्से को वन्य जीव अभ्यारण्य घोषित किए जाने और गैर धार्मिक गतिविधियों के लिए सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के विरोध में सड़कों पर उतर आए थे सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थली घोषित किए जाने का जैन समाज के लोग विरोध कर रहे हैं.
जैन समाज के लोग सम्मेद शिखरजी को अपना पवित्र तीर्थ स्थल बताते हुए इसे बचाने, इसे संरक्षित करने की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के फैसले का विरोध कर रहे लोग इसे अपनी धार्मिक आस्था पर आघात बता रहे हैं. इसी को लेकर पूरे देश भर में कई प्रदर्शन किए गए थे आज इंदौर के जैन समाज में भी इंदौर के सांसद शंकर लालवानी से मुलाकात की और जैन समाज ने अपनी बात रखी इस पर सांसद इंदौर शंकरलाल वाली ने कहा कि मेरी दिल्ली में कई नेताओं से बात हुई है और केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार को एक पत्र भी लिखा है जिसमें जारी गजट नोटिफिकेशन मैं संशोधन की बात कही है और जल्द ही इस पूरे मामले का पटाक्षेप कर लिया जाएगा केंद्र सरकार जैन समाज के साथ है और भगवान के इस पवित्र स्थल के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाएगी
इस अवसर पर जैन समाज के इंदौर सांसद का धन्यवाद किया उन्होंने कहा कि हमारी बात इंदौर सांसद में केंद्रीय स्तर पर रखी है हम का धन्यवाद करते हैं
