वर्ष 2003-04 की आडिट रिपोर्ट में थे 2190 सदस्य, बाद में हो गए चार हजार, पीड़ित सदस्यों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग।
नवभारत गृह निर्माण सहकारी संस्था में वैसे तो लगभग चार हजार सदस्य हैं, लेकिन इसमें से दो हजार फर्जी सदस्य बताए जा रहे हैं। वर्ष 2003-04 के बाद जब संस्था में भूमाफिया से जुड़े लोगों का प्रवेश हुआ तो इसमें सदस्यता से लेकर जमीन के काफी घपले हुए। भूमाफिया से जुड़े पदाधिकारियों ने वर्ष 2005-06 में कई फर्जी सदस्य बना डाले। बताया जाता है कि ऐसे कई सदस्य नंदानगर, सर्वहारा नगर और जनता क्वार्टर के हैं। इनमें कुछ सदस्य तो ऐसे बना लिए हैं जो एक ही गली के हैं। ऐसा लगता है कि नगर निगम या विधानसभा की मतदाता सूची उठाकर लाइन से सदस्य बनाए गए हैं।
संस्था के नियमों के तहत इसमें सदस्यों की अधिकतम 1600 सदस्य होना थी, लेकिन पदाधिकारियों ने नियमों को ताक में रखकर लगभग चार हजार सदस्य बना लिए। नवभारत गृह निर्माण सहकारी संस्था संघर्ष समिति ने इस संबंध में संभागायुक्त डा. पवन शर्मा और अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर को भी शिकायत की है। पीड़ित सदस्य अशोक पाटोदी, उमेश नीमा, देवेंद्र जैन और मांगीलाल जैन शिकायत में बताया कि संस्था की वर्ष 2003-04 की आडिट रिपोर्ट के अनुसार 2190 सदस्य ही थे। बाद में संस्था पर भूमाफिया बाबी छाबड़ा का एकाधिकार हो गया। भूमाफिया के कहने पर चिराग शाह और उसके साथियों ने दो हजार नए सदस्य बना दिए। इससे पुराने और वरिष्ठ सदस्यों का अहित हुआ। संस्था के पूर्व संचालक मंडल ने संस्था की आवासीय भूमि को गैर आवासीय दर्शाकर इसे बेच दिया। पीड़ित सदस्यों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि ऐसी जमीन को चिन्हित कर उनकी रजिस्ट्री निरस्त कराने की कार्रवाई की जाए।
मतदाता सूची में फर्जी नाम आए तो वर्ष 2017 में ठप हो गई थी चुनाव की प्रक्रिया – नवभारत संस्था में भूमाफिया के कब्जे, जमीन के घोटाले और सहकारिता विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण वर्ष 2017 में तत्कालीन कलेक्टर पी नरहरि ने प्रशासन की निगरानी में संस्था के चुनाव कराने की तैयारी की थी। तब किसी सहकारिता अधिकारी को चुनाव अधिकारी नियुक्त करने के बजाय तत्कालीन एसडीएम शालिनी श्रीवास्तव को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया था। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के तौर पर एसडीएम को पहले संस्था की मतदाता सूची के शुद्धीकरण का काम सौंपा गया। पर संस्था में बड़े पैमाने पर फर्जी सदस्यों की मौजूदगी को देखते हुए एसडीएम शालिनी ने चुनाव से खुद ही हट गईं। इसके बाद यह प्रक्रिया जहां की तहां ठप हो गई
फर्जी सदस्यों की शिकायत हुई है – नवभारत गृह निर्माण सहकारी संस्था के प्रशासन जगदीश जलोदिया का कहना है कि यह सही है कि नवभारत गृह निर्माण सहकारी संस्था में तय सीमा से अधिक सदस्य बना लिए गए हैं। फर्जी सदस्यों को लेकर शिकायत भी हुई है, लेकिन सदस्यों को बाहर निकालने का अधिकार मुझे नहीं है। संस्था का चुना हुआ संचालक मंडल ही यह काम कर सकता है। फर्जी सदस्यों और चुनाव के संबंध में मध्यप्रदेश सहकारी चुनाव प्राधिकारी से हम मार्गदर्शन मांगने जा रहे हैं।
