12 साल पुराने मामले में सिमी आतंकियों को तीन-तीन साल की कैद

By Abhishek Raghuvanshi
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देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने के 12 साल पुराने मामले में प्रतिबंधित संगठन सिमी के दो आतंकियों को जिला न्यायालय ने मंगलवार को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

बता दें कि 20 अक्टूबर 2009 को आतंकवाद रोधी दस्ता इंदौर में पदस्थ उपनिरीक्षक चंद्रशेखर को सूचना मिली थी कि ईरान वाले बाबा की मजार के पीछे खजराना क्षेत्र में मो. यूनुस पुत्र मो. साबिर निवासी बेगमबाग कालोनी उज्जैन (वर्तमान पता मदीना नगर इंदौर) और मो. शफीक पुत्र अब्दुल बारी निवासी फाजलपुरा उज्जैन (वर्तमान पता मुकद्दस नगर भोपाल) अन्य लोगों के साथ मैजूद हैं।

आरोपित दो संप्रदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने और देश की एकता व अखंडता खंडित करने का प्रयास और आतंक का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उनके द्वारा बोले गए शब्दों और लिखे गए दस्तावेजों के जरिये धर्म और जाति के आधार पर दो संप्रदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने व शांति-व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में गिरफ्तारी में पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण साक्ष्य लगे।

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