उदयपुर पुलिस ने अपहृत युवक को इंदौर से मुक्त कराया, उदयपुर पुुलिस ने एरोड्रम क्षेत्र के एक घर पर दबिश देकर गृह स्वामी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया

By Abhishek Raghuvanshi
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उदयपुर के अंबामाता थाना क्षेत्र से चार दिन पहले अपहृत किए गए युवक को पुलिस ने इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र से मुक्त करा लिया। उदयपुर पुुलिस ने सोमवार सुबह एरोड्रम क्षेत्र के एक घर पर दबिश देकर गृह स्वामी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद सोमवार शाम उदयपुर में आइजी हिंगलाजदान ने प्रेस कांफ्रेंस में घटना की जानकारी दी। वहीं इंदौर पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि उदयपुर पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी थी। एरोड्रम थाना प्रभारी संजय शुक्ला का कहना है कि इस मामले में थाने पर भी कोई सूचना नहीं दी गई थी। नीमच के कांग्रेस नेता राजकुमार अहीर का बेटा अनुराग अहीर मास्टरमाइंड निकला है।

आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद उदयपुर में आइजी हिंगलाजदान और एसपी मनोज चौधरी ने अपहरण केस की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अपहृत प्रापर्टी कारोबारी राहुल माखीजा सकुशल हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इंदौर से नीमच कैंट निवासी मास्टरमाइंड अनुराग अहीर को पकड़ा। उसी ने पूरे अपहरण का षड्यंत्र रचा था। इससे पहले बदमाश उदयपुर के एक होटल में दो दिन रुककर रैकी की थी। अनुराग पहले भी एक पत्रकार के अपहरण के मामले में आरोपित है। आइजी ने बताया कि अनुराग के साथ सूरत निवासी विपुल अजमेरा, नीमच निवासी माधव बंसल और मोहित उर्फ बिट्टू यादव को गिरफ्तार किया। घर में अपहरण बनाए हुए युवक को बंधक बनाए रखने के आरोप में पुलिस ने मोहित के पिता संतोष यादव को भी गिरफ्तार किया है।

महंगी कारों का शौकीन है मास्टरमाइंड – आइजी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य आधार पर आरोपितों के इंदौर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद डीएसटी और अंबामाता पुलिस की टीम इंदौर पहुंची और घर में दबिश देकर राहुल को छुड़वाया। अपहरण का मास्टरमाइंड अनुराग अहीर महंगी कारों का शौकीन है। वह उदयपुर में स्पोर्ट्स कारों के क्लब के मार्फत राहुल माखीजा के प्रापर्टी का कार्य करने वाले छोटे भाई को अच्छे से जानता था। इसी कारण अनुराग ने राहुल को अपहरण के लिए चुना। मामले में संपत्ति विवाद का भी मामला सामने आया है

30 दिसंबर की थी घटना – बदमाशों ने षड्यंत्र के तहत उदयपुर के सहेली नगर क्षेत्र से पहले स्कूटी चोरी की। इसके बाद 30 दिसंबर को राहुल के मुंह पर मिर्च पावडर डालकर उसे फतेहपुरा इलाके में एक कांप्लेक्स में ले गए। आरोपितों ने पिता नंदू से 80 लाख रुपये की फिरौती मांगी। दूसरे दिन लोकेशन बदलने के इरादे से बदमाश उसे नीमच से इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र में एक घर पर ले गए और बंधक बनाकर रखा।

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