3 मई को देश भर में परशुराम जन्मोत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है वहीं इसी तरह से कुछ तैयारियां इंदौर में भी ब्राह्मण समाज के द्वारा की जा रही थी वही ब्राह्मण समाज के द्वारा परंपरागत शोभायात्रा का आयोजन प्रतिवर्ष परशुराम जन्म उत्सव के दौरान किया जाता है और बड़ा गणपति से इंदौर के परशुराम मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाती है इसी कड़ी में सर्व ब्राह्मण युवा परिषद के द्वारा शोभा यात्रा की अनुमति को लेकर इंदौर के मल्हारगंज थाने पर आवेदन दिया गया वहीं मल्हारगंज पुलिस ने यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया लेकिन इसी दौरान यात्रा मार्ग में धर्म विशेष के धार्मिक स्थल का हवाला देकर अनुमति देने से पुलिस ने इंकार कर दिया जब इस बात की जानकारी ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों को लगी तो उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर समाज से वैकल्पिक मार्ग पर यात्रा निकालने को लेकर रायशुमारी मांगी है साथ ही सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी करते हुए कहा कि परंपरागत परशुराम शोभायात्रा को अनुमति क्यों नहीं इंदौर के पुलिस विभाग का कहना है कि शोभायात्रा मार्ग में धर्म विशेष का एक धार्मिक स्थल है इसलिए दूसरे मार्ग पर आवेदन करें कुछ इस तरह के पोस्टर बनाकर ब्राह्मण समाज ने सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं वही समाज के पदाधिकारी विकास अवस्थी का कहना है कि अनुमति को लेकर पुलिस विभाग के समक्ष आवेदन दिया था जिसे इस तरह की टिप्पणी करते हुए इनकार कर दिया गया वही अब इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी बता दें इंदौर में परशुराम जन्म उत्सव के मौके पर परंपरागत रूप से शोभायात्रा का आयोजन काफी सालों से किया जा रहा है और पिछले दिनों जिस तरह से खरगोन में बने , और उसी को देखते हुए पुलिस विभाग ने यात्रा मार्ग में धर्म विशेष का धार्मिक स्थल होने के कारण यात्रा मार्ग को परिवर्तित रास्ते के साथ अनुमति देने की बात कही है वहीं पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र का कहना है कि इंदौर में सभी त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाते हैं इसी के साथ पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र का यह भी कहना है कि जब भी कोई व्यक्ति यात्रा को लेकर पुलिस के समक्ष आवेदन करता है तो संबंधित पुलिस उस रूट का निरीक्षण करती है और इस दौरान यदि कोई आपत्ति रहती है तो दोनों पक्षों को बिठाकर बीच का रास्ता निकाला जाता है।
