अपने माता पिता को खो चुके बच्चे जहां एक और बेसहारा हो गए थे वहीं जिस परिवार के सदस्यों से उन्हें उम्मीद थी जहाँ माता पिता की मत्यु के बाद वही रिश्तेदार प्रॉपर्टी के दुश्मन बन गए मां शब्द के बाद अगर किसी का नाम लिया जाता है तो वह मामा होता है लेकिन ऐसे मामा ने अपनी ही भांजी और भांजे का बहन और जीजा की मृत्यु के बाद मकान पर कब्जा कर लिया जहां बीकॉम की छात्रा युवती के साथ हुए अन्याय की जानकारी थाना प्रभारी को लगी तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी ने मामा को थाने बुलवाया और युवती को अपने माता-पिता द्वारा दी गई संपत्ति दिलाई गई जहां मामा ने बच्ची के पैर पड़ कर माफी भी मांगी।
छात्रा ने सुनाई अपनी दस्ता- बीकॉम की छात्रा के प्लॉट पर मामा ने किया कब्जा नेशनल खिलाड़ी बहन के साथ पहुंची थाने,मामा से मंगवाई माफी,पुलिस ने भांजी को दिलाया न्याय बीकॉम की छात्रा के प्लॉट पर मामा ने कब्जा कर लिया। छात्रा अपनी नेशनल खिलाड़ी बहन की मदद से थाने पहुंची। मामा के लालच को लेकर पूरी कहानी बयॉ की। जिसके बाद मामा को पुलिस ने बुला भेजा। मामले में पहले टीआई ओर जांच अधिकारी ने मामा को लताड़ा इसके बाद केस दर्ज करने की बात कही। मामा ने पैर पढ़कर भांजी से माफी मांगी वही प्लॉट के दस्तावेज मामा ने भांजी को सौप दिए। जिसके बाद छात्रा ने पुलिस को धन्यवाद कहां।
पुराणों में भी मामा कंस द्वारा किए गए अत्याचार वर्णन में भी लेख किया गया है एक ऐसा ही कंस मामा इंदौर में भी देखा गया है जहाँ बहन और जीजा की मृत्यु के बाद अपनी ही भांजी के प्लाट कब्जा कर उसे घर से निकाल दिया था थाना प्रभारी की जानकारी में आने के बाद पुलिस समारोह का भरा चेहरा सामने आया और मासूम बच्ची को अपने माता-पिता का हक दिलाया गया है दरअसल मामला छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में रहने वाली 22 साल की लक्ष्मी गोपने पहुंची थी। उसने बताया कि मामा मनोज ने उसके पिता खाडेराव ओर मां गायत्री द्वारा दिए गए प्लॉट पर कब्जा कर रखा है। माता पिता के गुजरने के बाद वह उसे प्लॉट नही दे रहे। जब भी प्लॉट के बारे में बात करने जाते है तो वह यह कहकर लौटा देते है कि उनके पास माता पिता का कोई प्लॉट नही। मामले में टीआई सिंघल ने हेड कास्टेंबल सुभाष शर्मा को जांच दी। उन्होंने मनोज को थाने बुलाया। पुलिस के सामने निकली अकड़,पैर छूकर सौपे दस्तावेज
मनोज पहले प्लॉट को लेकर इंकार करते रहा। बाद में पुलिस ने जब उसे लताड़ा तो उसने बताया कि बहन गायत्री ने रूपये इकट्ठा कर बच्चो के लिये प्लॉट लिया था। जिसके रूपये वह किश्तों में उसे देती थी। लेकिन दोनो के जाने के बाद उसके मन में लालच आ गया था। इसके चलते वह प्लॉट नही दे रहा था। उसने पुलिस के सामने बच्ची को प्लॉट के दस्तावेज सौप दिए ओर पैर छूकर माफी मांगी।
नेशनल खिलाड़ी बहन ने दिलाई थी हिम्मत लक्ष्मी गोपने के पिता खाडेराव की धुलिया से इंदौर आते समय आकस्मिक मौत हो गई थी। जिसके आठ माह बाद मनोज के मकान के निर्माण के समय हादसे में बहन गायत्री भी चल बसी। लक्ष्मी ओर उसका भाई कार्तिक दोनो अपनी बड़ी मां अनिता ओर बहन कविता के साथ रहने लगे। कविता जिमनास्टिक की नेशनल खिलाड़ी है। लक्ष्मी ने जब मामा के लालच की बात उसे बताई तो कविता ने उसे हिम्मत बधाई ओर सीधे छतरीपुरा टीआई पवन सिंघल के पास ले गई। गेरेज पर काम कर बचे हुए रूपये से लिया था प्लाटपुलिस के मुताबिक मनोज का जंगमपुरा में गैरेज है। यही पर गायत्री गाड़िया धोने का काम करती थी। इस दौरान उसने बचत कर मनोज से एक प्लॉट लिया था। लक्ष्मी के मुताबिक उनके रहने के लिये माता पिता ने एक ही आसरा जोड़ा था। अब वह पुलिस द्वारा की गई मदद से काफी खुश है। वही कविता अपनी बहन के साथ थाने पर पहुंची और मिठाई और खिलाकर थाना प्रभारी को धन्यवाद दिया।
