नई गाइड लाइन के कारण पांच बार के पार्षद रहे छोटे यादव से लेकर नेता प्रतिपक्ष रहे अभय वर्मा तक का गणित गड़बड़ा गया है। यादव जहां वार्ड 51 से टिकट मांग रहे हैं, वहीं वर्मा 54 से दावेदारी कर रहे और रहते वार्ड 61 में हैं। पूर्व पार्षद चिंटू चौकसे वार्ड 22 में रहते हैं, लेकिन दावेदारी वार्ड 21 से कर रहे हैं। वार्ड 22 से राजू भदौरिया टिकट मांग रहे हैं। पूर्व पार्षद अरविंद बागड़ी वार्ड 64 से तैयारी कर रहे हैं, जबकि उनका एक घर वार्ड 62 में और दूसरा घर बिचौली के वार्ड में आता है। पूर्व पार्षद अनवर दस्तक का घर वार्ड 58 में आता है, लेकिन दावेदारी वार्ड 8 से कर रहे हैं। इनके साथ ही विनोद चौकसे, राकेश सिलावट, शैलेष गर्ग, अन्नू पटेल, शैलू सेन और संतोष वर्मा आदि के समीकरण भी बिगड़ गए हैं। वार्ड-71 में नीतू शर्मा, प्रीति कुंवर, वार्ड-76 में सचिन सिलावट, वार्ड-67 में अर्चना राठौर आदि के टिकट पर भी असर पड़ेगा। ये सभी कांग्रेस नेता और नेत्रियां दूसरे वार्ड में रहकर दूसरे वार्ड से टिकट की दावेदार कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों हुए वार्ड आरक्षण के बाद कई कांग्रेस नेताओं के चुनाव लड़ने के अरमान ठंडे हो गए थे, क्योंकि आरक्षण में वार्ड बदल गए। ऐसे में नेताओं ने दूसरे वार्डो से चुनाव लड़ने का फैसला लेकर दावेदारी पक्की की, लेकिन अब नई गाइड लाइन मुसीबत बन गई है।
