भले ही अधिकांश लोगों में कोरोना संक्रमण का असर हल्का दिखाई दे रहा हो, लेकिन एक बड़ी आबादी इसकी चपेट में आने के कारण अस्पतालों में भर्ती भी हो रही है। इनमें गंभीर रोगी भी शामिल हैं, जिन्हें आईसीयू और वेंटिलेटर पर उपचार दिया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बीते 18 दिन में कोरोना संक्रमित रोगियों की अस्पतालों में संख्या 12 गुना बढ़ी है, जबकि वेंटिलेटर 46 गुना अधिक भरे हैं। राजधानी के 17 से ज्यादा अस्पतालों में फिलहाल कोई वेंटिलेटर खाली नहीं है। इनके अलावा एम्स सहित कई अस्पतालों में आईसीयू भी फुल हैं। बुधवार को एम्स के तीनों आईसीयू फुल होने के बाद 12 मरीज की वेटिंग भी दर्ज की गई। हर जिले में औसतन संक्रमण दर 30 फीसदी से अधिक है, जबकि 33540 कंटेनमेंट जोन हैं। फिलहाल 78112 सक्रिय मरीज हैं। इनमें 63432 हजार रोगी घरों मे उपचार ले रहे हैं। यानी, हर जिले की ज्यादातर गलियों में कोरोना संक्रमित हैं। ..
राज्य सरकार के डैशबोर्ड में मरीज अधिक
हेल्थ बुलेटिन से अलग दिल्ली सरकार के डैशबोर्ड पर मरीजों की संख्या अलग दिखाई दे रही है। इसकी मानें तो बुधवार शाम तक 2758 कोरोना मरीज सामान्य कोविड वार्ड, 2654 रोगी ऑक्सीजन बिस्तर, 876 आईसीयू और 289 मरीज वेंटिलेटर पर उपचाराधीन हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग का यह कहना है कि हेल्थ बुलेटिन और डैशबोर्ड के बीच करीब 48 घंटे का अंतर है, जिसकी वजह से यह स्थिति देखने को मिल रही है। इनके आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली के अस्पतालों में 1707 में से 263 वेंटिलेटर फुल हुए हैं, जिनमें एम्स ट्रॉमा सेंटर के बिस्तर भी शामिल हैं। अगर 31 दिसंबर 2021 से तुलना करें डेशबोर्ड के अनुसार अस्पतालों में कोरोना के बिस्तर 29.10 गुना तक (226 से बढ़कर 6577) भर गए हैं।
दैनिक मामलों की तुलना में भर्ती दर कम : स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दैनिक मामलों की तुलना में भर्ती दर काफी कम है। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि 31 दिसंबर 2021 को 1796 लोग संक्रमित मिले थे, लेकिन पिछले एक दिन में ही 12 हजार से ज्यादा मरीज मिले हैं। चार दिन पहले तक इनकी संख्या 28 हजार तक थी। अगर इस संख्या से तुलना करें तो भर्ती दर काफी कम है और अधिकांश बिस्तर खाली हैं।
अस्पतालों की वर्तमान स्थिति
स्वास्थ्य सेवा कुल बिस्तर भरे खाली
अस्पताल 15606 2730 (17.49%) 12876 (82.51%)
कोविड निगरानी केंद्र 4646 402 (8.69%) 4224 (91.31%)
कोविड स्वास्थ्य केंद 158 09(5.7%) 149 (94.3%)
ये है स्थिति
मरीज 31 दिसंबर 18 जनवरी
भर्ती 226 2730
आईसीयू 00 37
ऑक्सीजन 83 871
वेंटिलेटर 03 139
हेल्थ बुलेटिन में दर्शाएं जा रहे हैं दूसरे आंकड़े
दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, 31 दिसंबर 2021 तक राजधानी के अस्पतालों में 226 कोरोना मरीज भर्ती थे, जिनमें से 83 मरीजों को ऑक्सीजन थेरेपी दी जा रही थी और इनमें से तीन मरीज वेंटिलेटर पर थे, लेकिन 18 जनवरी तक अस्पतालों में भर्ती रोगियों की संख्या बढ़कर 2730 तक पहुंच गई है। इनमें से 837 रोगी आईसीयू में हैं। वहीं, 871 मरीजों को ऑक्सीजन दिया जा रहा है। इन्हीं में से 139 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
हालांकि, लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि अस्पतालों में भर्ती संक्रमित रोगी पिछले दिनों संक्रमित मिलने वालों मे से हैं। बीते दो दिन से स्थिति में थोड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। पिछले सप्ताह तक उनके यहां रोजाना 40 से 50 मरीज आ रहे थे, लेकिन अब 10 से 15 मरीज ही आ रहे हैं। वहीं, दूसरे अस्पताल के डॉक्टरों का यह भी कहना है कि इस बार कोरोना का वायरस काफी अलग है और इसका लक्ष्य भी बदल गया है। सह बीमारी या फिर अधिक आयु वालों को संक्रमण ज्यादा परेशान कर रहा है।
विशेषज्ञों ने कहा…
अधिकांश लोगों में संक्रमण का असर हल्का है, लेकिन सह बीमारी वाले रोगियों के लिए अभी भी जोखिम बना हुआ है। उनके यहां आईसीयू में भर्ती मरीज टीकाकरण करा चुके हैं। एम्स के तीनों आईसीयू अभी फुल हो चुके हैं और यहां आठ से 10 मरीज वेटिंग पर भी हैं। ज्यादा लोगों में भले ही यह हल्का हो लेकिन एक बड़ी आबादी इसके जोखिम में भी है।
– डॉ. अंजन त्रिखा, एम्स
टीकाकरण के जरिए ओमिक्रॉन काफी हद तक लोगों में हल्का असर दिखा रहा है, लेकिन एम्स में गंभीर रोगियों की संख्या भी कम नहीं है। जिन्हें पहले से बीमारियां हैं या फिर जिनकी आयु अधिक है उनमें टीकाकरण के बाद भी संक्रमण परेशान कर रहा है।
– डॉ. नीरज निश्चल, एम्स
रोजाना संक्रमित रोगी मिले ज्यादा, रिकवरी कम
दिल्ली फाइट कोरोना वेबसाइट के अनुसार, एक से 18 जनवरी के बीच रोजाना 395 कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जबकि इस बीच रोजाना औसतन 243 मरीजों को छुट्टी मिली है। इन 18 दिन में 6,707 रोगी मिले और 4134 मरीजों को छुट्टी दी गई। एक से सात जनवरी के बीच भर्ती रोगियों की संख्या रिकवरी वालों से दोगुना तक दर्ज की गई।
एक जनवरी को 70 रोगी भर्ती हुए थे और 28 को छुट्टी मिली थी। इसी तरह दो जनवरी को भर्ती होने वालों की संख्या बढ़कर 75 हुई, लेकिन 32 मरीजों की रिकवरी हुई। इसके बाद हर दिन भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। 12 जनवरी को दिल्ली में सर्वाधिक 544 मरीजों को भर्ती किया गया।
प्राइवेट अस्पतालों में नोडल अधिकारी तैनात करेगी दिल्ली सरकार
राजधानी के प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों की स्थिति और टीकाकरण पर निगरानी बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार नोडल अधिकारी तैनात करेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है, जिसके तहत सभी सरकारी अस्पतालों से वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों को प्राइवेट अस्पतालों में बतौर नोडल अधिकारी के रुप में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में लिखा है कि वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों को निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया जा रहा है। वहां के अस्पतालों में कोरोना मरीजों के उपचार प्रोटोकॉल और टीकाकरण को लेकर तमाम जिम्मेदारी और निगरानी सरकार ने इन्हें सौंपी है। विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को सेवानिवृत्त और स्थानांतरित नर्सिंग कर्मियों के लिए उपयुक्त रिप्लेसमेंट खोजने के लिए भी कहा है। पत्र में कहा है कि इन वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों को अपने-अपने अस्पतालों से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाता है।
