किसानों से सरकारी योजना के नाम पर ली 125 करोड़ की जमीन को निष्कासित प्रतिनिधि ने अपने नाम करवाई

By Abhishek Raghuvanshi
3 Min Read

इंदौर – मांगलिया स्थित स्टील अथॉरिटी इंडिया 125 करोड़ की 10 हेक्टर राज्य उद्योग निगम के देवास उद्योग का बाजार उसी के निष्कासित प्रतिनिधि द्वारा अपने नाम कराने जाने का मामला सामने आया हैचलिए जमीन 15 जुलाई 1994 को प्रशासन के मार्फत यार्ड बनाने के लिए ली थी सेल ने यार्ड तो नहीं बनाया लेकिन 2003 में इसे नीलाम कर दिया नीलामी में भी इससे मध्य प्रदेश उद्योग निगम के देवास उद्योग ने खरीदा उस समय उसके प्रतिनिधि रहे करोबारी संजय सोमानी ने सेल प्रतिनिधि से एग्रीमेंट किया लेकिन 17 साल तक रजिस्ट्री नहीं कराई इस बीच सरकार ने देवास उद्योग के प्रतिनिधि के रूप में सोमानी की सेवा समाप्त कर दी बावजूद इसके सोमानी ने एग्रीमेंट के 17 साल बाद सेल के प्रतिनिधि शैलेंद्र कुमार सागर से उक्त जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा दी प्रशासन के पास नामांकन के फाइल आई तो किसान ने इस पर आपत्ति जताई सु्प्राइस तहसीलदार ब्रह्म स्वरूप श्रीवास्तव की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ जमीन किसानों को लौटाने की प्रक्रिया की जा रही है

5 साल मेंउद्देश्य पूरा नहीं तो मूल स्वामी को लौटानी होती है जमीन
भू अर्जन अधिनियम की धारा 24 में स्पष्ट प्रावधान है कि जमीन अधिग्रहण करने के 5 साल में यदि अधिग्रहित जमीन के जिस उद्देश्य के लिए अधिग्रहण किया गया है वह प्यार नहीं किया जाता तो वह जमीन मूल स्वामी को लोटन होगी इस संबंध में एक केस कोर्ट में विचाराधीन है कलेक्टर मनीष सिंह के अनुसार गड़बड़ी सामने आने के बाद नाम तय कर दिया है संबंधित पर कार्रवाई कर रहे हैं

जांच में यह गड़बड़ी मिली

  • तहसीलदार श्रीवास्तव ने जांच में पाया कि सामान्य 2022 तक ही देवास उद्योग के प्रतिनिधि थे राज्य उद्योग निगम ने सामान्य को वर्ष 1998 से 20 साल के लिए देवास उद्योग संचालन के लिए दिया था 2018 में खत्म होना था लेकिन 2012 में ही उद्योग निगम ने अनुबंध निरस्त कर दिया इसके बाद सामान्य अधिग्रहित प्रतिनिधि नहीं रहे
  • केस में सेल के प्रतिनिधि शैलेंद्र कुमार सागर की भूमिका भी संदिग्ध है दोनों ने षड्यंत्र का क्रेता का नाम देवास उद्योग नाम लिखा कर संजय सोमानी कर दिया
Exit mobile version