तहसीलदार कोर्ट ने भगवान शंकर को नोटिस देकर बुलाया कोर्ट में पहुंचे भगवान शंकर, तहसीलदार गायब..

By Abhishek Raghuvanshi
2 Min Read

रायपुर के रायगढ़ शहर में उस समय लोग हैरत में पड़ गए जब भगवान शंकर अपने नाग के साथ तहसीलदार कोर्ट पहुंचे लेकिन तहसीलदार गायब मिले। यह कोई मजाक नहीं बिल्कुल सही है क्योंकि तहसीलदार कोर्ट ने भगवान शंकर को नोटिस देकर बुलाया था। अब तहसीलदार कोर्ट ने 13 अप्रैल को अगली तारीख लगाई है जिसमें फिर भगवान शंकर को उपस्थित होना है।
रायगढ़ के कौवाकुंडा स्थित शिव मंदिर को अवैध कब्जा बताने वाले तहसीलदार ने न सिर्फ मंदिर से जुड़े लोगों को नोटिस दिए बल्कि भगवान शंकर के नाम पर भी नोटिस जारी कर दिया था। तब यह मामला चर्चा में तो आया लेकिन एडीएम, कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक ने इसे सामान्य ही माना। अब मामला तब बढ़ गया जब मंदिर से जुड़े लोगों ने भगवान शंकर की मूर्ति को तहसीलदार कोर्ट में लाकर रख दिया। शिवलिंग के साथ नाग भी आए थे। तहसीलदार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया जबकि वहां के लोग शिवलिंग को आटोरिक्शा में लेकर आ गए और तहलीसदार कोर्ट में पेश कर दिया। तहसीलदार ने जब देखा लोग शिवलिंग ही लेकर आ गए तो उन्होंने अपने अधीनस्तों को तारीख आगे बढ़ाने के आदेश दे डाले। अब देखना है अगली तारीख पर क्या होता है क्योंकि यह गंभीर मामला है और इससे माहौल बिगड़ भी सकता है। श्रद्धालुओं का कहना है तहसीलदार ने भगवान शिव को कोर्ट में पेश होने का नोटिस कैसे दे डाला..। तहसीलदार खुद को भगवान शिव से बड़ा मान रहे हैं क्या। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि लोगों को शिवलिंग उठाकर तहसीलदार कोर्ट में ले जाने की भी आवश्यकता नहीं थी क्योंकि भगवान शिव कोई आरोपी थोड़ी हैं जो एक इंसान के सामने पेश होंगे।

Exit mobile version