इंदौर में सरकारी डाक्टर शिविर में व्यस्त , अस्पताल में परेशानी होती रहीं महिलाएं

By Abhishek Raghuvanshi
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सीएमएचओ कार्यालय और पीसी सेठी अस्पताल के बीच समन्वय की कमी के चलते मंगलवार को अस्पताल में हंगामा हो गया। यहां के नौ डाक्टर कस्तूरबा ग्राम में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में पहुंच गए, जबकि अस्पताल पहुंची गर्भवती महिलाएं और नवजात परेशान होते रहे। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल प्रबंधन ने डाक्टरों को शिविर से वापस बुलवाया।

दरअसल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा. बीएस सैत्या ने आदेश जारी कर स्वास्थ्य विभाग के 18 डाक्टरों और कर्मचारियों को कस्तूरबा ग्राम में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में शामिल होने को कहा था। इसमें नौ डाक्टर, दो स्टाफ नर्स और एक हाउसकीपिंग कर्मचारी शामिल थे। इन नौ डाक्टरों में से अधिकांश स्त्री रोग और बाल रोग विशेषज्ञ थे और पीसी सेठी अस्पताल में पदस्थ थे। ये सभी शिविर में पहुंच गए। इधर, पीसी सेठी अस्पताल में सुबह से महिलाएं और बच्चे ओपीडी में पहुंच गए। महिलाओं ने घंटों डाक्टरों का इंतजार किया, लेकिन जब कोई नहीं पहुंचा तो अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। ताबड़तोड़ शिविर से डाक्टरों को वापस बुलवाया गया। दोपहर में स्थिति सामान्य हो सकी। गौरतलब है कि अस्पताल में रोजाना औसतन 500 मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे और गर्भवती महिलाएं होती हैं। पीसी सेठी अस्पताल के प्रभारी डा.निखिल ओझा का कहना है कि अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा था। हमने स्थिति देखते हुए डाक्टरों को शिविर से वापस बुला लिया था। आदेश सोमवार को देरी से जारी हुए थे।

शिविर में 170 से ज्यादा लोगों की जांच
इंदौर। भारत विकास परिषद, सेवा न्यास एवम अहिल्या नगरी शाखा द्वारा न्यास भवन रूपराम नगर में पिछले दिनों निश्शुल्क हड्डी रोग निवारण शिविर लगाया गया। इसमें 170 से ज्यादा लोगों ने लाभ लिया। हड्डियों में कैल्शियम की निश्शुल्क जांच कर दवाइयां प्रदान की गई। शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. प्रणव महाजन, डा. मुर्तजा रस्सीवाला, फिजियोथेरेपिस्ट डा.सोनल तिवारी व डा. सोनू विश्वकर्मा ने सेवाएं दी। मुख्य अतिथि पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश सूर्यवंशी थे।

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