इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने ट्विटर और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) को समन भेजा है। कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली कमेटी ने ‘नागरिकों के डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी’ के मुद्दे पर शुक्रवार को दोनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया है। स्टैंडिंग कमेटी ट्विटर और IRCTC के अधिकारियों से इसी सिलसिले में सवाल करेगी।
ट्विटर से यूजर्स के डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर पूछताछ हो सकती है। वहीं, IRCTC से पैसेंजर्स के डेटा को मोनेटाइज करने को लेकर जारी किए गए टेंडर के बारे में पूछताछ हो सकती है।
ट्विटर के मैनेजमेंट को लेकर हो सकते हैं सवाल
दो दिन पहले ही ट्विटर के पूर्व सिक्योरिटी चीफ पीटर जटको ने भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी को एक ऐसे व्यक्ति को काम पर रखने के लिए मजबूर किया जो एक “सरकारी एजेंट” था। इसका मकसद यूजर्स के सेंसेटिव डेटा को एक्सेस करना था।
हालांकि, ट्विटर ने कहा कि यह एक झूठी कहानी है। इस साल जनवरी में जाटको को कंपनी से निकाल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें ट्विटर की खामियां बताने की वजह से निकाला गया था। सूत्रों के मुताबिक, पैनल ट्विटर से इसके मैनेजमेंट को लेकर सवाल करेगा। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि मैनेजमेंट ने किसी विशेष पॉलिटिकल पार्टी के पक्ष में काम किया है या नहीं।
IRCTC पर यूजर्स का डेटा बेचने का आरोप
IRCTC पर आरोप है कि वह अपने पैसेंजरों का डेटा बेचकर कमाई करने का प्लान बना रही है। IRCTC को डिजिटल मोनेटाइजेशन से 1000 करोड़ रुपए की कमाई होगी। आरोप है कि 10 करोड़ से अधिक यूजर्स वाली IRCTC ने कस्टमर्स के डेटा को मोनेटाइज करने को लेकर एक सलाहकार नियुक्त करने वाली है और इसके लिए टेंडर भी जारी किया है।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, IRCTC के अधिकारियों के साथ मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। टेंडर के मुताबिक,स्टडी किए जाने वाले डेटा में यूजर्स के नाम, नंबर से लेकर एड्रेस जैसी तमाम डिटेल्स शामिल हैं। हालांकि, IRCTC के एक सीनियर अधिकारी ने ऐसी खबरों को फेक बताया था। उन्होंने कहा कि कंपनी अपना डेटा नहीं बेचती है और ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है।
डेटा और प्राइवेसी पर रिपोर्ट सबमिट करेगी कमेटी
केंद्र सरकार ने 3 अगस्त को पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल वापस ले लिया। सरकार इसकी जगह साइबर स्पेस में पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन के लिए नया बिल लाएगी। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिल वापस लेने का प्रस्ताव रखा था।
थरूर के नेतृत्व वाला पैनल डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर टेक कंपनियों, सोशल मीडिया फर्म्स, मंत्रालयों के साथ मीटिंग कर रहा है। यह पैनल 30 अगस्त को कमेटी का कार्यकाल खत्म होने से पहले अपनी रिपोर्ट देने वाली है।
