बच्चों से बचपन छीन रहे फैशन शो – जूनियर मिस इंडिया कान्टेस्ट का जोरदार विरोध, सामाजिक संगठन ने कलेक्टर ऑफिस किया प्रदर्शन

By Abhishek Raghuvanshi
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चार से पन्द्रह वर्ष तक की अबोध व नन्हीं बालिकाओं के ब्यूटी कान्टेस्ट, फैशन शो, फैशन परेड, का जोरदार विरोध इंदोर छोटी बच्चियों के होने वाले फैशन शो को लेकर अब सामाजिक संगठनों का विरोध सामने आने लगा है।

सोमवार सुबह सामाजिक संगठनों की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अबोध बालिकाओं के फैशन शो जूनियर मिस इंडिया फैशन परेड का विरोध कर उन्हें बंद कराने की मांग की गई है चार वर्ष से पन्द्रह वर्ष तक की अबोध व नन्हीं बालिकाओं के ब्यूटी कॉन्टेस्ट किमान शो, फैशन परेड, जूनियर मिस इंडिया कान्टेस्ट व इसी प्रकार के अन्य आयोजनों द्वारा नन्हीं बालिकाओं के नैसर्गिक व मानसिक विकास को दूषित करने वाले आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने व उनके आयोजकों पर कार्यवाही करने के लिए सामाजिक संगठन ने इन्दौर के कलेक्टर ऑफिस पर प्रदर्शन किया है।

दरसअल कुछ समय से विभिन्न कुंठित मानसिकता वाले व्यक्तियों द्वारा चार वर्ष से पन्द्रह वर्ष तक की अबोध बालिकाओं के ब्यूटी कॉन्टेस्ट फैशन शो, फैशन परेड, जूनियर मिस इंडिया कान्टेस्ट इसी प्रकार के अन्य आयोजन किये जा रहे हैं, जिसको लेकर सामाजिक संगठन की मुखिया माला ठाकुर द्वारा 4 वर्ष की नन्ही बालिकाओं मिस इंडिया कांटेस्ट विरोध जिसमे अबोध बालिकाओं का अशोभनीय प्रस्तुतिकरण किया जा रहा है।

जिसको लेकर सामाजिक संगठन की मुखिया माला ठाकुर द्वारा 4 वर्ष की नन्ही बालिकाओं मिस इंडिया कांटेस्ट विरोध किया गया है वही माला ठाकुर ने बताया कि 4 वर्ष की नन्ही बालिकाओं मिस इंडिया कांटेस्ट का विरोध पहले भी किया गया था इस तरह का फैशन शो में नन्ही बेटियों को फैशन शो करते हुए कोई माँ नही देख सकती है सामाजिक तोर पर तो विरोध किया जा रहा है मगर प्रशासनिक तौर पर भी कैसे रोक लगाई जाए इसी बात को लेकर सोमवार को इन्दौर के कलेक्टर कार्यालय पर कई सामाजिक संगठन द्वारा 100 से अधिक महिलाओ ने विरोध प्रदर्शन किया है वही प्रशासान ने पहले इस आयोजन पर रोक लगाई थी उसके बाद फिर से आयोजन की परमिशन दे दी है जिस पर सामाजिक संगठन द्वारा रोक लगाने को लेकर ज्ञापन दिया गया है. गौरतलब है कि शहर में छोटे बच्चे और बच्चियों को लेकर लगातार फैशन शो करने की होड़ सी लगी हुई है जिसे लेकर बकायदा ऑर्गेनाइजर कंपनियां पेरेंट्स से मोटी फीस वसूल कर मासूम बच्चों को फैशन शो में परफॉर्म करने के लिए मजबूर करते हैं जिसके कारण कई बार मासूम बचपन दिखावे के फैशन शो के चलते दबकर रह जाता है।

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