फर्जी ऋण पुस्तिका मामले में न्यायालय में आरोपियों को मिली जमानत के बाद अब इंदौर क्राइम ब्रांच ने कोर्ट से जमानतदारो की सूची मांगी है जो लगभग 10 सालों से सक्रिय था जहां बेरोजगारों युवक की टीम तैयार कर उन्हें फर्जी जमानत देने के लिए तैयार करता था जहां फर्जी ऋण पुस्तिकाएं तैयार की जाती थी पुलिस ने एक हजार ऋण पुस्तिकाएं और फर्जी शासकीय रबड़ सील बरामद की थी मामले में लगभग 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है कई अन्य गिरोह के साथियों की तलाश जारी है।
दरअसल इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था जो कोर्ट में आरोपियों को जमानत दिलाने के लिए फर्जी ऋण पुस्तिका है बनाकर न्यायालय में प्रस्तुत करता था किससे आरोपियों को 10 से ₹15000 के कमीशन ने फर्जी जमानत देने का यह गिरोह लंबे समय से काम कर रहा था गिरोह का मुख्य सरगना प्रकाश चावड़ा जेल में रहकर भी अपना नेटवर्क चला रहा था इस पूरे मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने 1000 ऋण पुस्तिकाएं और शासकीय फर्जी रबड़ सील बरामद की थी पुलिस ने अब तक गिरोह के 15 अन्य और भी साथियों को अपनी गिरफ्त में लिया है जो हर एक पुस्तिका प्रिंटिंग कराने से लेकर ग्रामीण इलाकों में बेरोजगार मध्यम वर्ग के लोगों को कमीशन का लालच देकर उनकी फर्जी ऋण पुस्तिकाएं तैयार करते थे फिलहाल गिरोह के अन्य और भी सदस्यों की जानकारी लगी है लगभग 10 सालों से यह गिरोह सक्रिय था और बड़ी संख्या में लोगों को फर्जी जमानत पर रिहा करा चुका है क्राइम ब्रांच इंदौर में कोर्ट से जमानत पर छोटे लोगों की सूची मांगी है इसके आधार पर यह पता चल पाएगा कि अब तक इस गिरोह द्वारा कितने आरोपियों को फर्जी जमानत दी गई है।
