इन्दौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान व इन्दौर प्रेस क्लब के तत्त्वावधान में अनवरत थिएटर ग्रुप द्वारा आयोजित मानसून थियेटर फेस्टिवल आरम्भ हुआ जिसमें दिलीप बैरागी द्वारा लिखित नाटक उत्तरकामायनी का मंचन राजेन्द्र माथुर सभागार, इन्दौर प्रेस क्लब में किया गया।
फेस्टिवल का शुभारंभ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’, वरिष्ठ पत्रकार मुकेश तिवारी व अनवरत के निदेशक नीतीश उपाध्याय ने दीप प्रज्वलन करके किया।
इस एकल नाटक की पृष्ठभूमि में एक दुस्वप्न है। वह बुरा सपना हमने अपने बचपन में देखा था। यह सपना शीत-युद्ध के आखिर के दौर का था। दुनिया दो धड़ों में विभाजित थी। परमाणु बमों का जखीरा इकट्ठा किया जा रहा था। हिरोशिमा-नागासाकी की कहानियाँ भी पहुँच रही थीं। कभी भी तीसरा विश्वयुद्ध छिड़ा तो परमाणु अस्त्रों का प्रयोग जरूर होगा। सोचकर ही बाल मस्तिष्क में तरह–तरह के दृश्य तैर जाते थे।
दिलीप बैरागी द्वारा लिखित इसी दुःस्वप्न को मंच पर दिखाता यह नाटक, सोचने पर मजबूर करता है। सम्पूर्ण विश्व के समाप्त हो जाने पर अकेले बचे हुए एक इंसान को मोहम्मद बिलाल नें अपने अभिनय से बखूबी प्रस्तुत किया। नीतेश उपाध्याय का सधा हुआ निर्देशन तथा कुलदीप राठौड़ का एब्सट्रेक्ट सेट डिज़ाइन प्रस्तुति में चार चांद लगाता है।
नाटक बेहद मार्मिक और उम्दा शाब्दिक चयन का उदाहरण है। इस नाटक को देखने श्रोताओं से सभागार भर गया।
