गुम नाबालिग लड़की को पुलिस थाना तुकोगंज ने अथक प्रयासों से महज 06 घंटे के अंदर ढूंढकर किया परिजनों के सुपुर्द

By Abhishek Raghuvanshi
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Madhya Pradesh: Madhya Pradesh: In digital age, Indore police still rely on  Village Crime Note Book, Government News, ET Government

सीसीटीवी कैमरे में आए ऑटो की पहचान चिन्ह के आधार पर पहुंची पुलिस नाबालिक बालिका तक।

इंदौर शहर में नाबालिक बालक/ बालिकाओं के गुम/अपह्रत के प्रकरणो को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के साथ कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस आयुक्त इन्दौर नगर श्री हरिनारायणचारी मिश्र द्वारा दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री मनीष कपूरिया एवं पुलिस उपायुक्त जोन – 3 इन्दौर श्री धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में अति.पुलिस उपायुक्त जोन-3 इन्दौर श्री राजेश रघुवंशी एवं सहायक पुलिस आयुक्त श्री हरीश मोटवानी द्वारा दिए गए दिशा निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुए पुलिस थाना तुकोगंज ने गुम नाबालिग लड़की को अथक प्रयास से महज 06 घंटे के अंदर ढूंढकर परिजनों के सुपुर्द किया गया हैं।

पुलिस थाना तुकोगंज पर दिनांक 17.02.2022 को शाम 06.30 बजे वल्लभ नगर इन्दौर निवासी फरियादि ने थाने पर सूचना किया था कि उसकी 13 वर्ष की नाबालिग पोती घर के बाहर खेलते खेलते कही गुम हो गयी है । उन्हे शंका है कि उनकी पोती को कोई अज्ञात बदमाश बहला फुंसलाकर अपने साथ ले गया है । फरियादी की सूचना पर थाना तुकोगंज मे अपराध क्रमांक 94/2022 धारा 363 भादवि का प्रकरण दर्ज किया जाकर थाना प्रभारी तुकोगंज निरीक्षक कमलेश शर्मा ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्परता से अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और घटना स्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ कर सीसीटीवी कैमरा देखना शुरू किए ।

चूंकि बच्ची नाबालिग होकर 13 वर्ष की थी, अतः प्रकरण को प्राथमिकता से लेते हुए अति.पुलिस उपायुक्त, श्री राजेश रघुवंशी तथा सहायक पुलिस आयुक्त श्री हरीश मोटवानी भी मौके पर आये जिन्होने थाना प्रभारी तुकोगंज निरीक्षक कमलेश शर्मा को निर्देशित किया जिस पर थाना प्रभारी द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर अलग अलग रास्तो तथा निजी आवास, व्यवसायिक बिल्डिंग आदि मे लगे सभी सीसीटीवी कैमरे देखने हेतु तथा सतत निगरानी कर लोगो से पूछताछ के लिए लगाया गया । तभी एक टीम को उक्त गुम बालिका एक कैमरे में मालवा मिल की तरफ जाती दिखी, और एक ऑटो रिक्शा में बैठकर जाती दिखी । उक्त ऑटो रिक्शा का नंबर सभी कैमरों में देखने पर नहीं मिला, किंतु ऑटो रिक्शा के पीछे की तरफ गंगा बिहार कॉलोनी का बैनर लगा दिखाई दे रहा था, जो टीम के प्रआर लोकेश गाथे व प्रआर किशोर सांवलिया को पुलिस कंट्रोल रूम इन्दौर के लगे कैमरो पर उपरोक्त नंबर ऑटो रिक्शा का नंबर देखने हेतु लगाया गया ।

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इसी दौरान एक टीम के प्रआर सुरेश वर्मा, प्रआर शिवकुमार दीक्षित, तथा आरक्षक ब्रजेश लोधी द्वारा जंजीरवाला चौराहा, लेन्टर्न चौराहा एवं अन्य ऑटो रिक्शा स्टैंड पर उपरोक्त आर्टो रिक्शा की खोज की गई एवं गंगा विहार कॉलोनी के जहां से पोस्टर लगे थे उसकी जानकारी एकत्रित की गई, तभी एक टीम को पता लगा कि उपरोक्त आँटो रिक्शा जिसमे उक्त नाबालिग लडकी बैठी थी, वह रीगल चौराहे की तरफ से होते हुए छोटी ग्वालटोली रेलवे स्टेशन की तरफ गया है ।

उपरोक्त टीम ने तत्परता से तुरंत रेलवे स्टेशन पर पहुंची जहां पर उक्त बालिका की काफी तलाश की गयी किन्तु, नही मिली । रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे देखने पर ज्ञात हुआ कि उक्त बालिका प्लेटफार्म नंबर 04 से इन्दौर जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस ट्रेन के कोच नंबर डी-4 बैठते दिखाई दी है तो तत्काल रात्रि 11.20 बजे जीआरपी पुलिस भोपाल फोन को सूचना दी गई । उक्त ट्रेन रात्रि 11:30 बजे पर भोपाल रेलवे स्टेशन पर पहुंचती है जिस पर जीआरपी भोपाल के अधिकारी व कर्मचारियो ने तत्परता दिखाते हुए अपनी टीम को लगा कर उपरोक्त बालिका को सकुशल ट्रेन से बरामद किया। थाना तुकोगंज की एक टीम को भोपाल भेजकर उक्त नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब किया जाकर परिजनो के सुपुर्द किया गया ।

उक्त सराहनीय कार्य मे थाना प्रभारी तुकोगंज निरीक्षक कमलेश शर्मा व उनकी टीम के उनि सलीम खान, सउनि महेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक 2173 सुरेश वर्मा, प्रधान आरक्षक 1500 लोकेश गाथे, प्रधान आरक्षक 1221 किशोर सांवलिया, प्रधान आरक्षक 1969 शिवकुमार दीक्षित, आरक्षक 3146 ब्रजेश लोधी, आरक्षक 3465 संजीव धाकड, आरक्षक 3645 रामू श्रीवास, आरक्षक 2234 धरमसिंह बारेला, आरक्षक 3073 पियुष तिवारी की अहम भूमिका रही है ।
इनके अतिरिक्त पुलिस थाना छोटी ग्वालटोली के प्रधान आरक्षक 1690 राहुल, प्रधान आरक्षक 1471 सुभाष, आरक्षक 3431 राघवेन्द्र, थाना सेन्ट्रल कोतवाली के प्रधान आरक्षक 66 संजय पाण्डेय आरक्षक 2222 अमित जाट , थाना खजराना के प्रधान आरक्षक 132 जितेन्द्र एवं जीआरपी पुलिस इन्दौर व भोपाल के अधिकारियो व कर्मचारियो का सहयोग भी अहम रहा ।

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