एमपी बोर्ड निजी स्कूल संघ ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि कक्षा 1 से 12 वीं तक के स्कूल को दोबारा खोला जाए।
पिछले 3 साल से आर्थिक मार झेल रहे एमपी बोर्ड प्रायवेट स्कूल एसोशिएशन से जुड़े स्कूल संचालको का विरोध इंदौर में सामने आ ही गया। संघ से जुड़े सभी संचालको ने सरकार के स्कूल बंद रखे जाने के फैसले की खिलाफत कर डाली है। दरअसल उनका तर्क है कि पहले ही संचालक आर्थिक मार झेल रहे है। जबकि उनके स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी सामान्य वर्ग से आते है। उनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधनों का भी अभाव है। ऐसी हालत में क्लास 1 से 12 वीं तक के स्कूल दोबारा खोले जाए। क्योंकि अधिकांश पालक भी यही चाहते है।
