‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम का उद्देश्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को जोड़ने की अवधारणा के माध्यम से विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बीच परस्पर समझ को बढ़ावा देना है । इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश एक दूसरे की भाषा संस्कृति संगीत, पर्यटन, व्यंजन, खेल परंपरा और प्रथाओं को साझा करने और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियां संचालित करते हैं । समस्त कार्यक्रम भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के अंतर्गत हो रहा है।
मध्य प्रदेश में आईपीएस अकैडमी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस एकमात्र ऐसा संस्थान है, जिसे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम’ में रिसीवर इंस्टिट्यूट के तौर पर चुना गया है। इसी कड़ी में आईपीएस अकैडमी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस द्वारा 27 जून से 1 जुलाई 2022 तक मणिपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एवं मणिपुर के प्रख्यात स्कूलों के लगभग 40 छात्रों का उनके शिक्षकों के साथ सात दिवसीय दौरे का आयोजन किया गया किया जा रहा है, जिसमें छात्रों को मध्य प्रदेश की संस्कृति ,भोजन, पोशाक के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। इस यात्रा के दौरान छात्र परस्पर बातचीत के माध्यम से अपनी संस्कृति को साझा करेंगे ।
कैसे आए हैं छात्र
दिनांक 26 जून को शाम 7:15 पर छात्रों का इंदौर आगमन हुआ ।
इस सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान छात्र आईपीएस एकेडमी की एडवांस लैबोरेट्रीज जैसे कि फ्लुईड मैकेनिक्स, रोबोटिक्स, फायर टेक्नोलॉजी पार्क, हेवी स्ट्रक्चरल लैब, इंस्ट्रूमेंटेशन लैब, डिजाइन लैब, सैनिटाइजर प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट प्लांट एवं एग्लोमेशन प्लांट इत्यादि का भ्रमण करेंगे ।
क्या रहेगा कार्यक्रम
आईपीएस अकैडमी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस की प्रिंसिपल डॉ अर्चना कीर्ति चौधरी ने संक्षिप्त में कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताया कि,
पहले दिन, इस कार्यक्रम के उदघाटन समारोह में इस कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर रूपेश दुबे ने कार्यक्रम की रूप रेखा का विवरण प्रस्तुत किया। डॉ अर्चना कीर्ति चौधरी प्रिंसिपल आई पी एस अकादमी इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस इंदौर ने कहा कि हम हमारे मेहमानों को उत्तम आतिथ्य प्रदान करेंगे एवं हम इस पूरे कार्यक्रम का आउट कम मूल्यांकन करेंगे। डॉ रविंद्र सोनी एडवाईजर ए आई सी टी ई नई दिल्ली ने बच्चो को इंदौर की सफाई की सफलता के बारे में जानने के लिए उत्साहित किया। प्रोफेसर एम पी पुनिआ, वॉइस चेयरमैन ए आई सी टी ई ने आई पी एस अकादमी के इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कार्यो की सरहाना की। प्रोफेसर राजीव कुमार मेंबर सेक्रेटरी ए आई सी टी ई नई दिल्ली ने बताया कि संपूर्ण भारत देश मे यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है परंतु आई पी एस अकादमी से इस कार्यक्रम का आग़ाज़ हो रहा है। आर्किटेक्ट अचल चौधरी प्रेसिडेंट आई पी एस अकादमी इंदौर ने न्यू एडुकेशन पॉलिसी की तारीफ करते हुए इस संपूर्ण कार्यक्रम की सरहाना की । सुश्री नीता प्रसाद ( आईएएस) जॉइंट सेक्रेटरी एम ओ ई, जी ओ आई ने आई पी एस के स्टूडेंट्स से वादा किया कि उन्हें भी मणिपुर और नागालैंड का भ्रमंड करवाया जायेगा। श्री बंसाली इनपुरम स्टूडेंट मनीपुर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मणिपुर ने इंदौर की साफ़-सफाई एवं आई पी एस के इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ की। सुश्री निशा जंगिद् स्टूडेंट आई पी एस अकादमी इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस इंदौर ने सभी आगंतुओ का आभार प्रकट किया।
इसी दिन होलकर साम्राज्य की सांस्कृतिक विरासत जैसे कि राजवाड़ा, लाल बाग पैलेस की भ्रमण के साथ-साथ सराफा चौपाटी के भ्रमण का कार्यक्रम भी निर्धारित है। इसी दिन छात्रों को इंदौर नगर निगम के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीएनजी प्लांट का भ्रमण भी कराया जाएगा ।
दूसरे दिन, महिदपुर तहसील में स्थित डोंगला ऑब्जर्वेटरी का भ्रमण निर्धारित है। इसी दिन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
तीसरे दिन, आईपीएस एकेडमी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित खेल परिसर में विभिन्न खेल गतिविधियों को संचालित किया जाएगा। इसी दिन आईपीएस एकेडमी द्वारा स्वच्छता की दिशा में उठाए गए कदमों को भी दिखाया जाएगा। आईपीएस एकेडमी में ई वेस्ट को छोड़कर लगभग सभी तरह के वेस्ट को अधिकतम रूप से रीसायकल किया जाता है। आईपीएस अकैडमी में स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ,ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट प्लांट एवं एग्लोमेशन प्लांट का भ्रमण का कार्यक्रम प्रस्तावित है ।
चौथे दिन, होलकर साम्राज्य की गौरव गाथा के प्रतीक महेश्वर के किले का भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है । इसी भ्रमण के दौरान छात्रों को दुनिया भर में मशहूर माहेश्वरी साड़ियों की फैक्ट्री में भी घुमाया जाएगा।
पांचवे दिन, मांडव गढ़ का भ्रमण प्रस्तावित है जिसमें की रानी रूपमती महल, हिंडोला महल, जहाज महल इत्यादि में घुमाया जाएगा।
छटे दिन, इस दिन सांस्कृतिक प्रोग्राम का आयोजन किया गया है जिसमे मणिपुर के बच्चे इंदौर के आईपीएस अकादमी के बच्चो के साथ समग्र प्रस्तुति देंगे। सम्पूर्ण प्रोग्राम का क्या आउटकम रहा इस पर मणिपुर से आए बच्चो के फीडबैक के माध्यम अवलोकन होगा।
सुरक्षा का जिम्मा सीमा सुरक्षा बल, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्सेज (बी एस एफ) को दिया गया हैः प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर
प्रो रूपेश दुबे ने बताया कि मणिपुर से आए मेहमानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ को दी गई है उनके सुरक्षा कर्मी इस पूरे प्रोग्राम में मेहमानों को सुरक्षा प्रदान करेंगे। प्रो. दुबे ने बताया कि वे काफी गवर्नमेंट एजेंसी से सतत संपर्क में है जैसे शिक्षा विभाग, कल्चरल विभाग, सी एस आई आर, स्टेट एवम सेंट्रल पुरातत्व विभाग, नगर निगम इंदौर, ई डी सी आई एल आदि और सभी से सहयोग प्राप्त हो रहा है।
