
वरिष्ठ जिला पंजीयक बीके मोरे का कहना है, इस वर्ष प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से अच्छा राजस्व मिल रहा है। अप्रैल से नई गाइडलाइन लागू होना है। इसके लिए उप पंजीयक स्तर पर प्रस्ताव तैयार करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में स्थिति देखी जा रही है। जल्द ही इन प्रस्तावों को जिला मूल्यांकन समिति के समक्ष रखा जाएगा।
कुछ प्रमुख इलाके, जहां दाम बढ़े
बायपास से उज्जैन रोड के बीच: खजराना, कनाडिय़ा, सुखलिया, तलावली चांदा, झलारिया, मायाखेड़ी, बिचौली हप्सी, बिचौली मर्दाना, निपानिया, पिपल्याकुमार, लसुडिय़ा मोरी, कैलादहाला, देवगुराडिय़ा, सनावदिया।
सुपर कॉरिडोर से धार रोड के बीच: टिगरिया बादशाह, पालाखेड़ी, छोटा बांगड़दा, बड़ा बांगड़दा, नावदापंथ, सिंहासा, नैनोद।
एबी रोड-राऊ क्षेत्र: रंगवासा, निहालपुर मुंडी, नायता मुंडला, पालदा, अहीरखेड़ी, तेजपुर गड़बड़ी, बिलावली, लिंबोदी।
ऐसे समझें विभाग का सर्वे
विभाग द्वारा गाइडलाइन तैयार करने के लिए इस साल हुई रजिस्ट्रियों में 600 से ज्यादा लोकेशन का अध्ययन किया गया। इनमें सभी तरह की रजिस्ट्रियां शामिल की गईं।
इनमें 10 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रियां गाइडलाइन से अधिक कीमत पर करवाई गई हैं।
विकसित हो रही कॉलोनियों, टाउनशिप, मल्टी स्टोरी सोसायटी में गाइडलाइन से 50 से 500 फीसदी ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्री हुई।
सर्वे के मुताबिक, महानगरीय क्षेत्र घोषित होने के बाद शहर के आसपास विकसित हो रही कॉलोनियों-टाउनशिप में अच्छी मांग है। इन क्षेत्रों में अफोर्डेबल साइज के प्लॉट व फ्लैट पंसद किए जा रहे हैं।
