बड़नगर कांग्रेस विधायक के बेटे करण मोरवाल ने अपनी संपत्तियों को कुर्की से बचाने के लिए अपने परिवार के अन्य सदस्यों को ट्रांसफर किया था, जिसके नामांतरण पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। आपको बता दे कि पुलिस द्वारा धारा 82 के तहत के कार्रवाई का निवेदन किया था, जिसके बाद कोर्ट ने 28 सितंबर को सरेंडर करने के आदेश दिए थे, सरेंडर न करने की स्थिति में करण की संपत्ति कुर्क की जाना थी।
दुष्कर्म और एट्रोसिटी एक्ट के मामले में लंबे समय से फरार बड़नगर कांग्रेस विधायक के बेटे करण मोरवाल की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमार र्कारवाई की थी। साथ ही उस पर 5 हजार रूपए का ईनाम घोषित है, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली है। आपको बता दे कि गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी मोरवाल को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इसी बीच पुलिस ने न्यायालय में करण के खिलाफ धारा 82 की कार्रवाई का निवेदन किया था। कोर्ट ने 24 अगस्त को उद्घोषणा की थी कि करण को 28 सितंबर तक सरेंडर करना होगा, अन्यथा उसकी संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी। जिससे बचने के लिए उसने अपनी संपत्ति को अपने परिवार के अन्य सदस्य के नाम पर ट्रांसफर कर दिया था। ऐसे में पुलिस ने फिलहाल इस नामांतरण को रोक दिया।
