इंदौर के जिला न्यायालय ने एक बार फिर प्रदेश के एक मुन्ना भाई को 5 वर्ष की सजा के साथ 1 हजार का अर्थ दंड सुनाया गया है। मुन्ना भाई उर्फ फर्जी छात्र मनीष बीएचयू से डॉक्टर की तैयारी कर रहा था।
जी हां बता दें, मध्यप्रदेश में कई ऐसे फर्जी मुन्ना भाई पीएमटी परीक्षा के दौरान अधिकारियों द्वारा पकड़े चुके है। उनके फोटो मिलान सहित अन्य दस्तावेज मिलाए गए थे जिन छात्रों के फोटो व अन्य दस्तावेज मैच नहीं हुए थे उन पर पीएमटी परीक्षा के अधिकारियों के कहे अनुसार पुलिस ने प्रकरण दर्ज किये थे… इसी कड़ी में प्रदेश के खंडवा जिले में पीएमटी परीक्षा के दौरान 13 जुलाई 2004 को मनीष कुमार नामक युवक को फर्जी तरह से परीक्षा देते हुए, पकड़ा गया था… जिस पर खंडवा पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। मुन्नाभाई संत कुमार नामक युवक के स्थान पर परीक्षा में शामिल हुआ था लेकिन जब परीक्षा नियंत्रण कक्ष में जांच की गई तो मनीष का फोटो मैच नहीं हुआ था। इसी निशानदेही के चलते खंडवा पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया था जिसके बाद न्यायालय से जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया था जिसकी तलाश को लेकर कई जगह दबिश देते हुए सीबीआई ने फर्जी छात्र मनीष कुमार को पटना से गिरफ्तार कर इंदौर के सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जिस पर से न्यायालय द्वारा आज मनीष कुमार को 5 वर्ष की ताजा सहित ₹1000 का अर्थदंड से दंडित किया है
