इंदौर में चलाए गए भूमाफिया अभियान के तहत भूमाफिया बाॅबी छाबड़ा और उसका साथी संदीप रमानी के खिलाफ कई प्रकरण दर्ज होने के साथ ही गिरफ्तारी भी हुई थी। इस के चलते 2019 में भंवरकुआं थाने पर भी दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, हालांकि भंवरकुआं पुलिस ने सहकारिता विभाग से मिली रिपोर्ट के आधार पर खात्मा की कार्रवाई की है। जिसको लेकर अब पुलिस और सहकारिता के बीच घामासान शुरू हो गया है। हालांकि भंवरकुआं थाना प्रभारी का उक्त मामले में कहना है कि साल 2019 में आॅडिटर इश्वर चंद वर्मा ने प्रतिवेदन दिया था। सहकारिता संस्था से संबंधित दस्तावेज संस्था कार्यालय में नहीं, बल्कि उन दस्तावेजों की फोटो काॅपी बाॅबी छाबड़ा के दफतर से मिली थी। जिसके आधार पर शुरूआत दौर में प्रकरण दर्ज किया था। हालांकि सहकारिता विभाग ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। जिसके जांच अधिकारी संजय कौशल द्वारा जांच करने पाया कि दस्तावेजों की जो फोटा काॅपी मिली है। उसमे कूटरचित दस्तावेज नहीं है। सहकारिता विभाग के अधिकारी के रिपोर्ट के आधार खात्मा की कार्रवाई की गई है।
हालांकि इस मामले में सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस को अभी कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। फिर सबसे बड़ा सवाल ये उठता है, कि आखिर पुलिस ने किस रिपोर्ट के आधार पर खत्मा की कार्रवाई की।
