17 महीने बाद बुधवार को पहली बार छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए स्कूल खोले गए, लेकिन छात्रों की संख्या कम रही। हालांकि जो छात्र स्कूल पहुंचे। उन्हें मास्क लगे होने, थर्मल चेकिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया गया
कोरोनाकाल के बीच 17 महीनों बाद शुरू हुई कक्षा 6 से आठ की क्लास में भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। सीबीएसई स्कूलों ने छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन पालकों ने सहमति पत्र नहीं दिए । हालांकि जो छात्र स्कूल पहुंचे, उन्होंने ऑफलाइन और जो घर में रहे उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई। 15 सितंबर तक अलग-अलग दिन एक-एक कर स्कूल खोले जाएंगे। बुधवार को पालक ही छात्रों को स्कूल छोड़ने व लेने आए। शहर के अधिकतर स्कूलों में ऑनलाइन क्लासें ही चलती रहीं।
वहीं सरकारी स्कूलों में कोरोना संक्रमण काल में शासन ने स्कूलों से मिलने वाले खाने पर पाबंदी लगा रखी है। इसलिए बच्चे घर से ही लंच बॉक्स और पानी लाए थे। वहीं हर क्लास खत्म होने के बाद बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराए जा रहे थे। स्कूलों में छात्र संख्या कम होने पर एक डेस्क पर एक ही बच्चे को बैठाया गया था।
स्कूलों के शुरू किए जाने के बारे में जानकारी देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास ने बताया कि जिन स्कूलों में पालकों ने सहमति प्रदान की है वहां 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कक्षाएं शुरू की गई हैं।
