इंदौर क्राइम ब्रांच ने पिछले दिनों फर्जी मार्कशीट बनाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी कंप्यूटर क्लास की आड़ में फर्जी डिग्रियां बना रहा था। उसने पूछताछ में बिहार के एक युवक का नाम बताया है जो उसे यह डिग्रियां उपलब्ध कराता था। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर बिहार जाएगी। आरोपी भी मूल रूप से वहीं का रहने वाला हैं।
इंदौर की तिलक नगर थाना पुलिस फर्जी मार्कशीट बनाने वाले आरोपी सतीश गोस्वामी से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह तीन से चार साल से सहर्ष इंस्टिट्यूट ऑफ IT मैनेजमेंट के नाम से सुखशांति नगर में कोचिंग चला रहा था। और इसकी आड़ में वह फर्जीवाडे़ से जुड़ गया। सतीश ने बताया कि वह यहां खुद पढ़ाई के लिए आया था और फिर कोंचिग संस्थाओं में अच्छा रुपए दिखने के बाद यही रहने लगा। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। यहीं उसकी मुलाकात एक मित्र के माध्यम से बिहार में फर्जी मार्कशीट बनवाने वाले युवक से हुई थी, जिसके बाद वह छात्र के दस्तावेज लेने के बाद वहां से मार्कशीट कोरियर करवा देता था। पुलिस के मुताबिक जिन स्थानों से कोरियर आते थे पुलिस को वहां के लिफाफे भी मिले है। इसके साथ कुछ पते भी मिले है जिन्हें सतीश दस्तावेज की साफ्ट कॉपी कोरियर करता था।
वही पुलिस के मुताबिक आरोपी से जो प्रारंभिक पूछताछ हुई है। उसमें पता चला है कि फरियादी देवेश ने आरोपी सतीश की शिकायत की है। देवेश को नंबर काम ए थे इसलिए उसने फर्जी मार्कशीट बनवाने के लिए अपने एक मित्र के माध्यम से सतीश से संपर्क किया सतीश ने देवेश से बैंक खातों के माध्यम से दो लाख रुपए एडवांस भी लिए थे। बताया जाता है कि जब देवेश ने सतीश द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट ऑनलाइन खोलने की कोशिश की तो वह नहीं खुले। इसके बाद पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में इसकी शिकायत की थी।
