तेजी से बढ़ रहे ब्लैक फंगस मरीजो पर लगा ब्रेक ,डॉक्टर वीपी पांडे के अनुसार मरीजो की संख्या हुई कम

By Abhishek Raghuvanshi
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कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित हुए मरीजों में जिस तेजी से ब्लैक फंगस संक्रमण फैला था उससे फिलहाल राहत मिलती दिखाई दे रही है मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एम व्हाय की बात करें तो यहां पर मध्य प्रदेश के अलावा भी अन्य राज्यों से मरीज ब्लैक फंगस के 40 मरीज इलाजरत है, फिलहाल ब्लैक फंगस के नए मरीज सामने नहीं आ रहे हैं,

गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर में रेमदेसीविर और अन्य इंजेक्शन के चलते मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले थे जिसके बाद इंदौर के एमवाय में इनका उपचार चल रहा था। डॉक्टर बीपी पांडे ने बताया कि ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज महीनों तक चलता है इसलिए केवल रूटीन चेकअप के लिए आ रहे हैं।

एमवाई अस्पताल के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ वी पी पांडे की माने तो एमवायएच से अब तक 684 मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों को जा चुके हैं। पहले एमवायएच में जहां डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज भर्ती हुआ करते थे अब यहां पर मरीजों की संख्या 40 के आसपास आ गई है। पिछले दो-तीन दिनों से अस्पताल में ब्लैक फंगस के इक्का-दुक्का मरीज ही भर्ती हुए। शुक्रवार को एमवायएच में किसी भी मरीज सर्जरी नहीं हुई।शुक्रवार को एमवायएच में ब्लैक फंगस के 6 मरीजो की एंडोस्कोपी हुई। एमवायएच में अब तक 952 मरीजों की सर्जरी और 1579 की एंडोस्कोपी हो चुकी है। एमवायएच में अब तक ब्लैक फंगस से 62 मरीजों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पताल में उपचारत मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी फंगल इंजेक्शन उपलब्ध है।

डॉक्टर पांडे की माने तो सितंबर माह के आखिरी सप्ताह तक में एमवायएच अस्पताल में ब्लैक फंगस के भर्ती मरीजों का संख्या 30 से कम हो जाएगी। इसका मुख्य कारण पिछले दो माह से शहर में कोविड संक्रमित मरीजो के नए केस में आई कमी होगी। पहले जहां आसपास के शहरों से भी एमवायएच में उपचार के लिए मरीज भर्ती होते थे, अब उनकी संख्या में भी कमी आई है। अब ईका दुका मरीज ही अस्पताल में भर्ती हो रहे है। इसमें रूटीन के लिए आने वाले मरीज शामिल है।

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