मध्यप्रदेश के इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा पीपीटी को लेकर बनाई गई कमेटी में एससी ओबीसी अधिकारियों को शामिल किया जाए इसको लेकर एनएसयूआई द्वारा राज्यपाल मुख्यमंत्री के नाम से कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया
इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय हमेशा से कई कारणों के चलते सुर्खियों में बना रहता है ताजा मामला पीपीटी एग्जाम को लेकर बनाई गई कमेटी में ओबीसी एससी के अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया था इसमें अधिकांश संख्या जनरल कैटेगरी के अधिकारियों की रखी गई थी इसी बात से नाराज होकर एनएसयूआई द्वारा प्रदर्शन कर कुलपति को राज्यपाल वह मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंप मांग रखी गई है कि इन अधिकारियों को भी कमेटी में शामिल किया जाए ताकि कमेटी पूरी तरह से निष्पक्ष रुप से गठित हो सके और आने वाले फैसले भी पूरी तरह से छात्रों के हित में निष्पक्ष रुप से आए और इसी के साथ सीआईटी की परीक्षा निरस्त हुई है उन छात्रों का पैसा उनके खाते में लौटाया जाए क्योंकि कई छात्रों द्वारा महामारी के दौर में रहते हुए भी पैसा भरकर परीक्षा में बैठने की इच्छा जाहिर की थी और परीक्षा निरस्त हो गई है निरस्त के चलते अब उनके ऐसे वापस किए जाएं
