इंदौर मानवता की मिसाल पेश करते हुए महामारी के दौर में लावारिस अवस्था में मुक्तिधाम में राशियों के विसर्जन का बीड़ा उठाया है शांति निवास और आस्था के साथ पूजा पाठ कर विसर्जन के लिए नर्मदा घाट ले जाया गया है….।
इंदौर शहर शुरू से ही एकता व सौहार्द का शहर रहा है इसकी नई मिशाल जूनि इंदौर के मुक्ति धाम में देखने को मिली है जिसमें पंडित को मुस्लिम समुदाय के सामाजिक संगठन सुल्तान इंदौर के तत्वधान में मुक्तिधाम में लावारिस अवस्था में रखी अस्थियों का विसर्जन करने के लिए एकजुट हुए हैं और उनकी सौहार्द पूर्वक पूजा-पाठ कर विसर्जन के लिए नर्मदा घाट ले जाया गया है सामाजिक संगठन के वरिष्ठ सदस्य का कहना है कि यह परंपरा उनके पिता जी द्वारा 1978 की जा रही है जो कि आज तक जारी है इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सुल्ताने इंदौर के तहत सैकड़ों हस्तियों को ले जाया जा रहा है ताकि इन्हें मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिल सके
