बेटी की प्रताड़ना सुना रिटायर बिजली अधिकारी का गला भर आया। बेटी ने पहले गिफ्ट में तीन करोड़ का मकान अपने नाम करवा लिया। बाद में खाली करने की धमकी देने लगी। बुजुर्गों के हित की बात करने पर बेटी काउंसलर सुनीता शर्मा, पुरुषोत्तम यादव को ही धमकाने लगी। सुप्रीम कोर्ट का आदेश और माता-पिता के अधिकार बताए तो बेटी ने कान पकड़ कर माफी मांग ली।
एएसपी (पश्चिम-2) डॉ. प्रशांत चौबे के मुताबिक बुजुर्ग दंपती उषा नगर में रहते है। उनके बेटे और बहू में चल रही अनबन का बेटी ने फायदा उठाया और बहाने से तीन करोड़ रुपये मकान की गिफ्ट डीडी स्वयं के नाम पर करवा ली। थोड़े दिनों बाद उसने माता-पिता को डराना शुरू कर दिया। कहा यह मकान उसके नाम हो चुका है। किरायेदारों से भी खुद ही किराया लेने लगी। दंपती ने पंचायत के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई ।
दोपहर को बेटी को बुलाया और घंटों समझाइश चलती रही। काउंसलर सुनीता शर्मा ने कहा माता-पिता द्वारा गलती से संतान के नाम की संपती को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी उनके पक्ष में निर्णय दे चुका है। इसके बाद बेटी को गलती का अहसास हुआ और माफी मांगी। इसी तरह शांति नगर निवासी एक बुजुर्ग ने कहा बेटा अमेरिका रहता है। घर खर्च के लिए किरायेदार मानसी को कमरा दिया था, लेकिन अब वह न किराया देती और न ही बिजली का बिल जमा कर रही है। पंचायत ने मानसी को तलब किया और हाथों हाथ बुजुर्ग के हक में फैसला सुना दिया।
