प्रशासन और पुलिस ने चिन्हित कर थाने पर प्रदर्शन के लिए भड़काने वालों की संपत्ति की होगी जांच

By Abhishek Raghuvanshi
3 Min Read

शहर में साम्प्रदायिक तत्वों के मनसूबों को नाकामयाब करने के लिहाज से जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त रवैया अपना लिया है। रविवार रात शहर के सेंट्रल कोतवाली थाने पर प्रदर्शन के लिए भड़काने वाले लोगों को प्रशासन और पुलिस ने चिन्हित कर लिया है। ऐसे लोगों की संपत्ति की जांच जाएगी। देखा जाएगा कि इन्होंने किस तरह और कहां से अवैध तरीके से संपत्ति कमाई है। अवैध तरीके से कमाई संपत्ति को लेकर कार्रवाई की जाएगी। इसमें पीएफआइ (पापुलर फ्रंट आफ इंडिया), एसडीपीआइ (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया) से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
प्रशासन और पुलिस ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर लिया है। संपत्ति की जांच का काम नगर निगम को सौंपा गया है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से पूरे शहर को कवर किया जाएगा। इसमें साम्प्रदायिकता के लिहाज से संवेदनशील इलाकों पर अधिक ध्यान रहेगा। प्रशासन और पुलिस अपने खुफिया तंत्र को और विकसित करने पर भी जोर दे रहा है। पुलिस को पता चला है कि रानीपुरा जैसे इलाके में छोटे-छोटे होटलों और लॉज के एक-एक कमरे में बाहर से आए आठ-आठ लोग रह रहे हैं। इन लोगों का रिकार्ड खंगाला जाएगा कि यह कहां से आए हैं और इंदौर में किस उद्देश्य से रह रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों की मंगलवार को हुई बैठक में इसकी रणनीति बनी। कलेक्टर मनीष सिंह की अगुआई में हुई बैठक में डीआइजी मनीष कपूरिया के साथ ही सभी अपर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार आदि मौजूद थे।
प्रशासनिक अधिकारी भी करेंगे रात में शहर की निगरानी
यह बैठक सेंट्रल कोतवाली, बाणगंगा, नायता मुंडला आदि जगहों पर हुई घटनाओं के बाद इसलिए की गई कि कहीं साम्प्रदायिक तत्व सिर न उठाएं और शहर के शांतिपूर्ण माहौल को खराब न करें। इसी कारण रात में शहर की निगरानी के लिए पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी लगाया गया है। अब पुलिस अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी शाम छह से रात 11 बजे तक अलग-अलग इलाकों में निगरानी करेंगे। साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए हर थाना क्षेत्र में एकता समिति भी बनाई जाएगी।

Exit mobile version