कांग्रेस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह के छोटे भाई लक्ष्मणसिंह ने जहरीली शराब के मामलों और झगड़ेे के लिए प्रदेश सरकार की शराब नीति को जिम्मेदार बताया है। मंगलवार को इंदौर प्रेस क्लब में चर्चा करते हुए सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की उर्जा की तारीफ की। साथ ही कहा कि दिग्विजयसिंह को कांग्रेस सरकार गिरने का जिम्मेदार बताना गलता है। विधायक ने कश्मीर में विस्थापित पंडितों को घाटी में वापस बसाने की मांग भी केंद्र की भाजपा सरकार से की।
पत्रकारों से बात करते हुए लक्ष्मणसिंह ने कहा कि प्रदेश में जहरीली शराब से पहले भी कई मौतें हो चुकी हैं। बार-बार ऐसा होता है क्योंकि प्रदेश की शराब नीति ऐसा बना दी गई है कि मुट्ठी भर लोग ही शराब का व्यापार करेंगे। इसी के कारण जहरीली शराब बन रही है। राजस्थान की शराब नीति विकेंद्रीकृत है। हम भी शराब नीति बदल दें तो जहरीली शराब से होने वाली मौत को रोका जा सकता है। इंदौर में अभी जो गोलियां चली है वो भी शराब नीति का दोष है।
विधायक ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस सरकार गिराकर गलती की है। ग्वालियर में अगर जयवर्धनसिंह को प्रभार दिया जाता है तो भाजपा को सिंधिया के क्षेत्र में आसानी से हराया जा सकता है। सिंधिया समर्थकों के भाजपा में जाने से मूल भाजपा वाले परेशान है। कमल नाथ और ममता बनर्जी की मुलाकात पर सिंह ने कहा कि ममता हमारी पार्टी में सांसद रहीं हैं। वे हिम्मत वाली महिला हैं। वे राष्ट्रीय स्तरीय की नेता हैं। दोनों दल एक साथ आएंगे तो आने वालेे समय में मतदाताओं के सामने अच्छा विकल्प रहेगा।
अनुच्छेद 370 पर पूछे सवालों पर सिंह ने कहा कि कहा कि अनुच्छेद हट गया। उस पर बात करना व्यर्थ है। जम्मू कश्मीर के विकास में कश्मीरी पंडितों का बहुत बड़ा रोल रहा है। जिस प्रकार से उन्हें वहां से भगाया गया, उनकी संपत्ति छीन ली गई। उनके साथ क्या-क्या नहीं हुआ। उनके साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ। भाजपा का यह पुराना वादा भी है। भाजपा का वादा है कि पंडितों को वहां बसाया जाएगा वे इस वादे को पूरा करें। कश्मीर में कभी हिंदू-मुस्लिम मिलकर रहा करते थे। 90 के दशक के बाद वहां के हालात बदले हैं।
